चारों विधानसभा क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन
जल योजनाएं बंद होने की कगार पर, शिकायतों के बाद भी विभाग मौन
हाईवे पर बेखौफ दौड़ते हैं रेत, पत्थर और बजरी से भरे ट्रैक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों नयना देवी, झंडूता, घुमारवीं और सदर में अवैध खनन माफिया बेखौफ हो चुके हैं। खड्डों सहित पहाड़ों का सीना छलनी कर खनन माफिया दिन-रात भारी मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि प्रशासन और संबंधित विभाग कार्रवाई को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिबंधित खड्डों में अनियंत्रित खनन जारी है। इसके चलते सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध खनन करने वालों की जेब भर रही है। जिला प्रशासन, खनन विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस और बीडीओ स्तर तक को पावर मिली होने के बावजूद कार्रवाई न के बराबर है। अवैध खनन की वजह से कई खड्डों में 10 फीट तक गहरी खाइयां बन चुकी हैं। इन क्षेत्रों में जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे लाखों-करोड़ों रुपये की पेयजल और सिंचाई योजनाएं बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 6 बजे से ही रेत, पत्थर और बजरी से भरे ट्रैक्टर हाईवे पर बेखौफ दौड़ते हैं, लेकिन पुलिस सहित अन्य विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों का आरोप है कि ठंड और कोहरे के मौसम में पुलिस और विभाग नाके लगाने तक बाहर नहीं निकलते, जिससे माफियाओं के हौसले और अधिक बढ़ गए हैं। कुछ समय पहले बम्म के पास सीर खड्ड में अवैध खनन को लेकर एक व्यक्ति की हत्या तक हो चुकी है। इसके बाद भी कार्रवाई के बजाय खनन और बढ़ गया। कई गांव अब अवैध खनन की वजह से तबाही के कगार पर पहुंच चुके हैं।
पूर्व में करयालग गांव (बद्दाघाट के पास) में भी अवैध पत्थर निकालने के चलते पहाड़ी ढह गई थी, जिससे कई घर मलबे में दब गए थे। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर अवैध खनन नहीं रोका गया तो आने वाले समय में कई और पहाड़ियां हादसों को दावत दे सकती हैं। खड्डों में अंधाधुंध खनन से पानी का प्राकृतिक बहाव बिगड़ रहा है, जो बरसात के समय बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकता है। जिला खनन अधिकारी हरविंद्र सिंह ने कहा कि विभाग लगातार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।