हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन ने जताया रोष
बोले, 5, 10 और 15 फीसदी पेंशन वृद्धि के कोर्ट के आदेशों पर भी नहीं कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन की जिला इकाई ने प्रदेश सरकार पर सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुए रोष जताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने दिवाली के बाद लोहड़ी के पर्व पर भी एचआरटीसी पेंशनरों को पेंशन जारी नहीं की, जिससे उनकी लोहड़ी भी फीकी रही।
संगठन के अध्यक्ष हरबंस लाल महाजन ने बताया कि बाकी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 28 अक्तूबर को पेंशन के साथ 4 फीसदी महंगाई भत्ता जारी कर दिया था, लेकिन एचआरटीसी पेंशनरों को इससे वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि दो महीने के भीतर 9 करोड़ रुपये का चिकित्सा भत्ता जारी कर दिया जाएगा, लेकिन दो वर्ष से कोई भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों को 5, 10 और 15 फीसदी पेंशन वृद्धि देने का भी कोर्ट का आदेश हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
पेंशनरों ने बताया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का एरियर जारी कर दिया गया है। पहली किस्त 50 हजार रुपये और दूसरी किस्त भी दी जा चुकी है, लेकिन एचआरटीसी के कर्मचारियों और पेंशनरों को इससे वंचित रखा गया है। पेंशनरों ने कहा कि सरकार की इस उपेक्षा के कारण उन्हें उच्च न्यायालय में जाना पड़ रहा है। एचआरटीसी में पूरी जिंदगी सेवाएं देने के बाद भी उन्हें पेंशन और अन्य लाभों से वंचित रखा जा रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं और पेंशन जारी नहीं हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पेंशन और अन्य भत्ते शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि उनका जीवन यापन सुचारू रूप से हो सके।