- किसान बोले, योजना का लाभ नहीं मिला तो उपभोक्ता फोरम में करेंगे याचिका दायर
-200 किसान परिवारों को मिलना है योजना का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के सुन्हाणी क्षेत्र के लिए बनाई गई उठाऊ सिंचाई योजना सात साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। योजना का क्षेत्र के 200 किसान परिवारों को लाभ मिलता था। किसानों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनको इस योजना का लाभ नहीं दिया गया तो विभाग की ओर से बर्बाद की गई उनकी उपजाऊ भूमि की शिकायत लेकर वह उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर करेंगे।
इस मुद्दे को लेकर महिला किसान समिति लेहड़ की बैठक आयोजित की गई। किसानों ने बताया कि योजना के लिए जल शक्ति विभाग ने आधा-अधूरा टैंक बनाकर लोगों के खेतों के बीच से पाइप लाइन बिछा दी, लेकिन अभी तक इस योजना को संचालित नहीं किया जा सका। इस कारण किसानों को सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुन्हाणी क्षेत्र के गांव लेहड़, बेला, धरोटी और सुन्हाणी की करीब 75 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए यह योजना तैयार की गई थी, लेकिन आज तक योजना का कार्य पूरा नहीं हो सका। महिला किसान समिति की प्रधान शकुंतला देवी, अनु देवी, नानक चंद, ममता कौशल, कैलाशी देवी, देशराज कौशल, सुरेश कुमार, हरिराम, शशि पाल, प्यार सिंह, सुरेंद्र कौशल, संजय कुमार, ओमकार चौधरी, विद्यासागर चौधरी, राजेश कौशल, तारा सिंह, रणजीत सिंह, प्रदीप कुमार, भगवान चंद, बलदेव सिंह, धर्मपाल चौधरी, कपिल सहित अन्य ने बताया गंदम सहित अन्य नकदी फसलों से लहसुन, प्याज, आलू, गोभी, टमाटर को सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन खड्ड नजदीक होते हुए भी सिंचाई का लाभ उनको नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जल शक्ति भाग ने आश्वासन दिया था कि जनवरी में सिंचाई के लिए पानी दे दिया जाएगा। इस आश्वासन पर किसानों ने हजारों रुपये के बीज खेतों में बीज दिए हैं, लेकिन सिंचाई का पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने अब चिंता जताई है कि सीजन के हिसाब से उन्होंने गेहूं, गोभी, बरसीन, जवी, सरसों, प्याज, लहसुन, आलू, पालक, धनिया, मूली, गाजर सहित अन्य सब्जियां लगाई हैं। सात साल बीत जाने के बाद भी खेतों तक अभी पानी नहीं पहुंच पाया है। इस बार भी विभाग की लापरवाही के कारण उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने विभाग को चेताया है कि योजना को जल्दी शुरू नहीं किया गया तो मजबूरन लोगों को उपभोक्ता फोरम का सहारा लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
कोट
योजना के तहत पाइप लाइन डालने के लिए कार्य किया जा चुका है। जल्द ही ग्रामीणों को सिंचाई योजना का लाभ दे दिया जाएग।- राकेश वैद्य, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग झंडूता