संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़/ऋषिकेश(बिलासपुर)। विकासखंड घुमारवीं के तहत आने वाली ग्राम पंचायत औहर और ऋषिकेश में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। लोगों का अकेले और शाम के बाद घरों से बाहर निकलना, पश्ुाओं को बाहर रखना खतरे से खाली नहीं है। वहीं, दोनों पंचायतों के प्रधानों ने वन विभाग से मांग की है कि वह तेंदुए को पकड़ने के लिए उनकी पंचायतों में पिंजरा लगाए।
औहर पंचायत के गांव भजवानी में तेंदुए ने दिनदहाड़े बकरी को अपना शिकार बना लिया। स्थानीय निवासी तिलक राज पुत्र नाथूराम ने बताया कि दोपहर के समय अपनी बकरियों को रुकमणी कुंड के साथ लगती जमीन में चरने के लिए छोड़ दिया था तथा स्वयं वहां साथ ही अपने काम में व्यस्त हो गए। अचानक तेंदुए ने बकरी पर हमला कर दिया।
वहां मौजूद लोगों के हल्ला करने पर तेंदुआ वहां से भाग गया, लेकिन बकरी की जान चली गई थी। ग्राम पंचायत औहर की प्रधान प्रेम लता ठाकुर, उप प्रधान रणजीत सिंह, वार्ड सदस्य रामप्यारी ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को उचित राहत राशि दी जाए।
दूसरी तरफ ऋषिकेश के गांव धराड़सानी में मंगलवार रात को रामदास के घर पर तेंदुए ने कुत्तों पर हमला कर दिया और एक कुत्ते को घायल कर दिया। वहीं, एक को उठाकर ले गया।
ऋषिकेश की प्रधान वंदना कुमारी ने कहा कि वन विभाग जल्द से जल्द क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए। कहा कि तीन फरवरी से स्कूल शुरू हो रहे हैं और स्कूल जाने के रास्ते भी जंगल से होकर जाते हैं। कोईना गांव से आने वाले बच्चे या अन्य गांव के बच्चे पैदल आते हैं तो वह जंगल के रास्ते से ही आते हैं। इससे पहले कि कोई अनहोनी हो, वन विभाग इस पर कार्रवाई करे।