बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक भूमि अधिग्रहण में बरती अनियमितताओं, अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव, राइट ऑफ वे के अंदर व बाहर हुए नुकसान पर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मुहाल बलोह में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता नयनादेवी मंदिर कमेटी के प्रधान अश्विनी चंदेल ने की।
बैठक में मुहाल बलोह और मल्यावर के करीब 40 परिवारों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर खुशी जताई। वहीं राज्य सरकार से कीरतपुर नेरचौक भूमि अधिग्रहण में फैक्टर 2 के तहत मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और नए एक्ट के अनुसार लोगों को मिलने वाली सुविधाएं देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उक्त फोरलेन में नेशनल हाईवे अथॉरिटी अपने अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान के अनुसार काम करना सुनिश्चित करे व मौका पर अपने राइट ऑफ वे को स्थापित कर रोड की मध्य लाइन राइट व लेफ्ट साइट के जीपीएस कवाडीनेट्स अंकित कर राइट ऑफ वे की छाया प्रतियां देना सुनिश्चित करें, ताकि मौका पर स्थापित किए गए आरओडब्ल्यू को जीपीएस से कंपेयर करना सुनिश्चित किया जा सके।
वहीं ग्रामीणों ने अधिग्रहित की गई भूमि से भू मालिकों की शेष बची निजी भूमि की नियमानुसार निशानदेही करने से पूर्व पढ़ने योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने का विषय उठाया। ताकि मौका पर की जाने वाली निशानदेही पर प्रभावित अपनी आपत्तियों को दर्ज करवा सकें।
ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर प्रशासन मौका पर निशानदेही करने के आदेश दे रहा है। वहीं दूसरी ओर रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है। ऐसी परिस्थिति में किस आधार पर निशानदेही करना सुनिश्चित होगा। बैठक में 14 दिसंबर को विधानसभा का घेराव पर भी ग्रामीणों ने अपनी सहमति जताई।
बैठक में मुहाल बलोह व मलयावर के राम सिंह, इंद्र सिंह, प्रकाश चंद, बलबीर सिंह, जय सिंह, हंसराज, दिलबर सिंह, विजय चंदेल, कांशी राम, जोध सिंह, रूपलाल, जगीर सिंह, सुरजीत सिंह, प्रीतम सिंह, सोहन लाल, हरनाम सिंह, महेंद्र सिंह, बिशन सिंह, जगरनाथ, गोपाला राम, सरवण, निकका राम, मंगल सिंह, रविकांत, बाबूराम, जगरूप सिंह, सुभाष चंदेल, सुशांत चंदेल, विकास चंदेल, धनीराम, कश्मीर सिंह, प्रेमलाल, रविंद्र सिंह, रत्न सिंह, बृजलाल, सुरेंद्र सिंह और फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल उपस्थित रहे।