पारंपरिक रीति रिवास के साथ एडीसी ने खूंटा गाड़ने की रस्म की पूरी
शोभायात्रा में उमड़े लोग, महिलाएं, युवा और बच्चे हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के बैहरन मैदान में जिला स्तरीय बैसाखी नलवाड़ी मेले का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओमकांत ठाकुर ने बैल पूजन के साथ किया। मेले की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत हुई। सबसे पहले खूंटा गाड़ने और बैल पूजन की रस्म अदा की गई, जिसके बाद मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा भी मौजूद रहीं।
मेला शुरू होने से पहले निकाली गई शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंग दिया। शोभायात्रा नरसिंह मंदिर से शुरू होकर झंडूता बाजार से होते हुए बैहरन ग्राउंड (मेला स्थल) पहुंची। इसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे और अन्य लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। मेले में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय कलाकारों की ओर से प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इनमें कृषि, हस्तशिल्प, लोक कला, स्वास्थ्य जागरूकता और ग्रामीण विकास से जुड़ी जानकारी दी जा रही हैं। इसके अलावा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताएं, बैल पूजन और अन्य पारंपरिक गतिविधियां भी कराई जाएंगी। नलवाड़ी मेला बैसाखी के अवसर पर मनाया जाने वाला झंडूता का प्राचीन और प्रसिद्ध लोक उत्सव है। इसमें बैलों की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है, जिसे किसानों की समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस बार बैहरन मैदान में पहली बार जिला स्तरीय आयोजन होने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेला 23 से 25 अप्रैल तक चलेगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय व्यापार मंडल और क्षेत्र के लोगों का भी आयोजन में सराहनीय सहयोग रहता है। यह मेला जहां सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने का माध्यम है, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय कला को बढ़ावा देने का भी बड़ा अवसर है। तीन दिनों में हजारों लोगों के मेले में पहुंचने की उम्मीद है।
झंडूता में वैशाखी मेले के शुभारंभ पर निकाली गई शोभायात्रा। संवाद