आरक्षण रोस्टर से बदले समीकरण, दिग्गजों की बढ़ीं मुश्किलें
दो नए वार्ड जुड़ने से मुकाबला होगा रोचक, हर सीट पर कई दावेदार
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद के चुनाव की तारीख तय होते ही घुमारवीं शहर का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। 17 मई को होने वाले चुनावों को लेकर हर गली-मोहल्ले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हर नुक्कड़ पर यही सवाल उठ रहा है कि इस बार बाजी किसके हाथ लगेगी और किसकी रणनीति सफल होगी।
इस बार आरक्षण रोस्टर ने पुराने सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय कई दिग्गजों की स्थिति डांवाडोल हो गई है, वहीं वर्षों से निष्क्रिय चेहरे भी अब चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं। नगर परिषद में इस बार दो नए वार्ड हारकुकार और जगदंबा जुड़ने से मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। कुल नौ वार्डों में चुनाव होना है, लेकिन दावेदारों की संख्या इतनी अधिक है कि हर सीट पर कड़ी टक्कर तय मानी जा रही है। वार्ड नंबर एक महिला आरक्षित होने के कारण पूर्व अध्यक्ष विनोद सेठी अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं, जबकि पूर्व अध्यक्ष गीता महाजन का नाम भी चर्चा में है। दोनों कांग्रेस से जुड़े माने जा रहे हैं। भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं, जिससे स्थिति और साफ नहीं है। वार्ड नंबर दो इंदिरा वार्ड में भी महिला आरक्षण लागू है। यहां बाहरी तौर पर शांति नजर आ रही है, लेकिन अंदरखाने गतिविधियां तेज हैं। भाजपा से जुड़े सुरेश शर्मा अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। वार्ड नंबर तीन में भाजपा के भीतर ही टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा है। हेमराज संख्यान, रामपाल और शिवकुमार दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस अभी रणनीतिक चुप्पी साधे हुए है। वार्ड नंबर चार कल्याण वार्ड में फिलहाल सस्पेंस बरकरार है। कोई भी उम्मीदवार खुलकर सामने नहीं आया है। नया वार्ड नंबर पांच हारकुकार पूरी तरह खुला मैदान बन चुका है। यहां पूर्व अध्यक्ष राकेश चोपड़ा के चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं, हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
वार्ड नंबर छह जगदंबा महिला आरक्षित है, जहां रीता सहगल सक्रिय नजर आ रही हैं। भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वार्ड नंबर सात बजोहा इस बार सबसे अहम सीट के रूप में उभर रहा है। भाजपा के अमित कुमार जहां पूरी तैयारी में हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व अध्यक्ष दयाराम और एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन भी मैदान में उतरने को तैयार हैं। यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। वार्ड नंबर आठ टिकरी में पूर्व उपाध्यक्ष श्याम शर्मा का वर्षों पुराना प्रभाव इस बार आरक्षण के कारण प्रभावित हुआ है। लेकिन उनके वार्ड से उनकी पत्नी इस बार चुनावी मैदान में नजर आ सकती हैं। वार्ड नंबर नौ दकड़ी में अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, घुमारवीं नगर परिषद का यह चुनाव इस बार पूरी तरह से रोमांचक और मुकाबले वाला बनने जा रहा है। अब 17 मई को ही स्पष्ट होगा कि किसकी रणनीति बाजी सफल होती है और किसकी सियासत अधूरी रह जाती है। संवाद