संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने अफसरशाही के रवैये को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। वह मंत्रियों और विधायकों की बात तक नहीं सुन रहे हैं। यह शिकायत केवल भाजपा के विधायकों की नहीं, बल्कि सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस के विधायकों की भी है।
उन्होंने कहा कि इससे आम जनता के प्रति अफसरशाही के रवैये का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसके लिए पूरी तरह से कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। जिस तरह कांग्रेस सरकार अपनी चुनावी गारंटियां पूरी करने के लिए जरा भी गंभीरता नहीं दिखा रही है,उसी तरह सरकार के अधिकारी भी मंत्रियों और विधायकों की बात को अनसुना कर रहे हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना सरकार का दायित्व है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मामले में भी नाकाम साबित हो रही है। जनहित से जुड़े मसलों को लेकर प्रशासनिक अथवा संबंधित विभागीय अधिकारियों से बात करके उन्हें जरूरी निर्देश देना विधायकों का अधिकार है, लेकिन बेलगाम हो चुके अधिकारी उनकी बात भी नहीं सुन रहे हैं। हालांकि भाजपा विधायकों की इस तरह की शिकायतों को कांग्रेस सरकार राजनीति से प्रेरित बताकर पल्लू झाड़ सकती है, लेकिन उसके अपने मंत्री और विधायक भी अछूते नहीं हैं। वे भी अधिकारियों का ऐसा रवैया झेल चुके हैं। अधिकारियों के बेलगाम होने के लिए सरकार पूरी तरह से दोषी है। कांग्रेस सरकार की इस नाकामी का खमियाजा मंत्रियों और विधायकों को भी भुगतना पड़ रहा है।