क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत और रोजाना सूखा कूड़ा उठाने का फैसला
वार्ड तीन के विकास कार्यों की जानकारी न मिलने पर पार्षद ने किया वॉकआउट
नगर परिषद में कनिष्ठ अभियंता की नियमित तैनाती की सरकार से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की दूसरी आम बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और लोगों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक की शुरुआत में वार्ड नंबर तीन के पार्षद रामपाल ने अपने वार्ड में प्रस्तावित विकास कार्यों का ब्योरा नहीं मिलने पर बैठक से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्षद रामपाल ने कहा कि पिछली बैठक में उनके वार्ड के कई विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई थी। उन्होंने इन कार्यों की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई प्रगति का ब्योरा मांगा था, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि यदि वार्ड में विकास कार्य ही नहीं होने हैं तो बैठकों में प्रस्ताव पारित करने का क्या औचित्य है। उन्होंने नगर परिषद से विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की। रामपाल के वॉकआउट के बाद बैठक की कार्रवाई जारी रही। बैठक में बरसात के दौरान नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में क्षतिग्रस्त हुए रास्तों की मरम्मत करवाने का निर्णय लिया गया। जहां आवश्यकता होगी, वहां नए रास्तों का निर्माण भी करवाया जाएगा। सदस्यों ने कहा कि बारिश के कारण कई रास्ते खराब हुए हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। ऐसे रास्तों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर करवाने पर सहमति बनी। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ा अहम फैसला सूखे कूड़े के उठान को लेकर लिया गया। पिछले कई महीनों से घरों से सूखा कूड़ा नहीं उठाया जा रहा था। नगर परिषद की ओर से सूखा कूड़ा सीमेंट फैक्ट्री भेजा जाता था, लेकिन फैक्ट्री द्वारा कूड़ा लेने से इन्कार किए जाने के बाद इसके निस्तारण की समस्या खड़ी हो गई थी। अब नगर परिषद की ओर से सूखे कूड़े को बाहर भेजकर उसका निष्पादन किया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले की तरह रोजाना घरों से सूखा कूड़ा उठाया जाएगा। इससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में नगर परिषद में कनिष्ठ अभियंता की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि जेई की कमी के कारण कई विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लोगों को भी विकास कार्यों से जुड़े मामलों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद में नियमित कनिष्ठ अभियंता की तैनाती के लिए सरकार से मांग करने का प्रस्ताव रखा गया। सदस्यों ने कहा कि जेई की तैनाती से रुके विकास कार्यों को गति मिलेगी। बैठक में कार्यकारी अधिकारी खेमचंद वर्मा, उपाध्यक्ष सविता देवी, पार्षद रीता सहगल, राजेश कुमार, संदीप कुमार और शकुंतला देवी मौजूद रहे।