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Bilaspur News: एक्सपायरी दवा मामले में निजी अस्पताल की जांच शुरू

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मरीज को एक्सपायरी दवा देने के आरोप के बाद ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपी जांच
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दवाइयों के सैंपल लिए जाएंगे, दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला भर के अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों पर भी चलेगा निरीक्षण अभियान

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। बिलासपुर शहर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी दिए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने ड्रग इंस्पेक्टर को अस्पताल में जांच करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की टीम अस्पताल में मौजूद दवाइयों की जांच करेगी तथा संदिग्ध दवाइयों के सैंपल लेकर लैब में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे।
अमर उजाला के रविवार के अंक में निजी अस्पताल में एक्सपायरी दवा देने का आरोप, महिला की बिगड़ी तबीयत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग हरकत में आया। जानकारी के अनुसार एक मरीज को अस्पताल से दी गई दवा की एक्सपायरी डेट निकल चुकी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद मरीज के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताई और मामला स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा। मामले की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि संबंधित दवा वास्तव में एक्सपायरी थी या नहीं, वह मरीज तक कैसे पहुंची और इसमें अस्पताल प्रबंधन की क्या भूमिका रही।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि अस्पताल की ओर से मरीज को एक्सपायरी दवा दी गई थी तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है तथा लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों का रिकॉर्ड भी खंगालेंगे। यह जांच की जाएगी कि अस्पताल में दवाइयों का स्टॉक किस प्रकार रखा जा रहा है, एक्सपायरी दवाइयों को हटाने की प्रक्रिया का पालन हो रहा है या नहीं और दवाइयों की खरीद और वितरण का पूरा रिकॉर्ड नियमों के अनुरूप है या नहीं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल के फार्मेसी स्टाफ और प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी। मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला भर में दवा जांच अभियान चलाने का फैसला भी लिया है। विभाग की टीमें निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों में जाकर निरीक्षण करेंगी। वहां उपलब्ध दवाइयों की एक्सपायरी डेट, स्टोरेज व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
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