डाहड से डफेर गांव के लिए बनाई गई लोहे की पुली। संवाद
डाहड से डफेर जाने के लिए लोगों को करना पड़ता था नाला पार
स्कूली बच्चे गंतव्य तक पहुंचने के लिए करते थे दो किमी का सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। दीपावली पर डाहड गांव में ग्रामीणों के लिए इंसानियत संस्था ने सराहनीय पहल की है। संस्था के प्रधान पवन चंदेल ने डाहड से डफेर जाने वाले रास्ते में बहते नाले पर लोहे की पुली बनवाकर ग्रामीणों को बड़ी सुविधा और सुरक्षा प्रदान की है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता लगभग एक किलोमीटर लंबा है, लेकिन बीच में बहते नाले के कारण पहले वहां कोई पुली नहीं बनी थी। इससे गांव के स्कूली बच्चे और अन्य लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी में नाले को पार करने के बजाय लगभग दो किलोमीटर लंबा घुमावदार रास्ता तय करते थे। नाले के उफान और गहराई के कारण अक्सर यह मार्ग खतरे का सबब बन जाता था। पवन चंदेल ने इस समस्या को देखते हुए अपने निजी खर्च पर लोहे की पुली बनवाने का निर्णय लिया। पुली बनने के बाद अब बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित और सीधा मार्ग मिल गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अब स्कूल जाने और अपने कामकाज के लिए लगने वाला समय कम हो गया है, वहीं नाले से होने वाले जोखिम में भी काफी कमी आई है। ग्रामीण विनोद कुमार, राजेश कुमार, प्रभाराम, सुंदरलाल और देशराज ने कहा कि पुली बनने से हमारे जीवन में बहुत सुविधा आई है। यह पहल इंसानियत की मिसाल है। हम पवन चंदेल और इंसानियत संस्था के आभारी हैं। इस तरह की पहल न केवल ग्रामीणों के लिए सुविधा प्रदान करती है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है। क्षेत्र में इंसानियत संस्था की यह पहल गांव के विकास और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बन गई है।