घुमारवीं (बिलासपुर)। जिला प्रशासन बेसक बैठक कर अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के आदेश देता है, लेकिन धरातल पर इन निर्देशों की अनुपालना कम ही होती है। ऐसा ही वाक्या घुमारवीं उपमंडल की मोरसिंघी पंचायत के गांव बछड़ी मसधान का है। यहां पर लोगों की ओर से रास्तों पर अवैध निर्माण किया जा रहा है, इस कारण लोगों में भारी रोष है।
इस संबंध में बछड़ी मसधान के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर से 16 अगस्त 2021 को मिला था । उस दौरान उपायुक्त ने बीस दिन के अंदर अवैध कार्यों को अंजाम देने वालों के विरुद्ध कारवाई के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन छह महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ है। वहीं, अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। ग्रामीणों में कश्मीर सिंह, कर्मदत्त, अमरनाथ, भंगू राम, पूजा देवी, अरुण कुमारी, जगदंबा कुमारी आदि ने बताया कि अवैध निर्माण की शिकायत लेकर उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने राजस्व अधिकारी को बीस दिन के अंदर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिए गए थे, लेकिन धरातल पर आदेश हवा हवाई हो गए हैं।
ग्रामीणों ने स्थानीय और जिला प्रशासन को चेताया है कि अगर शीघ्र अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से गुरेज नहीं करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने कहा कि शीघ्र ही इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की जाएगी। एसडीएम राजीव ठाकुर ने कहा कि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है, फिर भी राजस्व विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। जिस किसी राजस्व अधिकारी और कर्मचारी ने अवैध निर्माण की कार्रवाई में कोताही की है, उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।