बिलासपुर। कोरोना की तीसरी लहर का असर न निजी क्षेत्र के साथ ही अब सरकारी सेक्टर में भी दिखना शुरू हो गया है। बिलासपुर परिवहन निगम ने सवारियां कम होने के कारण दिल्ली,चंडीगढ़ और हरिद्वार जाने वाले बस रूटों को क्लब कर दिया है। वहीं सवारियां नहीं मिलने से निगम को हर दिन 50 फीसदी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कोरोना महामारी शुरू होने से पहले की बात करें तो जिले में परिवहन निगम के विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों से हर दिन एचआरटीसी को 9 से 10 लाख रुपये की आमदनी होती थी। मगर पहली लहर के बाद यह एक से डेढ़ लाख तक सिमट गई थी। वहीं दूसरी लहर में भी निगम इससे नहीं उभर पाया और स्कूल और कॉलेज बंद होने से लोकल रूट पर भी बसों को सवारी नहीं मिली। इसका परिणाम यह हुआ कि एचआरटीसी को बसों में तेल डालने का खर्च भी खुद उठाना पड़ा।
दूसरी लहर के बाद जैसे ही स्कूल और कॉलेज खुले तो एचआरटीसी की बसों को सवारी मिलना शुरू हुई। मगर अब तीसरी लहर के साथ ही परिवहन निगम को फिर से घाटे का सामना कर रहा है। आरएम बिलासपुर विनोद ठाकुर ने कहा कि सवारियां कम होने के कारण दिल्ली, हरिद्वार और चंडीगढ़ जाने वाले रूट को क्लब किए गए हैं।
चंडीगढ़ जाने वाली बसों को सवारियों के हिसाब से रूट पर भेजा जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद परिवहन निगम को हर दिन करीब छह से सात लाख रुपये आमदनी हो रही थी। मगर अब तीसरी लहर के बाद यह 50 फीसदी ही रह गई है।