श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में चार मंजिला सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अस्पताल भवन के निर्माण पर 9 करोड़ 16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में 50 बेड की सुविधा होगी। अस्पताल के अंदर कैंटीन और पार्किंग की सुविधा भी होगी। रात को डॉक्टरों को ठहरने के लिए भी अलग से कमरों निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा डॉक्टरों के लिए ढाई करोड़ की लागत से आवासों का निर्माण किया जाएगा।
अस्पताल का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह ने 11 जुलाई 2016 में किया था। बजट का प्रावधान नहीं होने और फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने से भवन निर्माण अधर में लटका रहा। वर्तमान सरकार ने बजट का प्रावधान किया और अब वन विभाग से क्लीयरेंस मिलने पर काम शुरू हो गया है। भवन निर्माण कार्य का कार्य 2 वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल नए बस अड्डे से 500 मीटर दूर सड़क किनारे बनाया जा रहा है। अभी श्री नयनादेवी जी में घवांडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर बहुत कम सुविधाएं हैं। लोगों को पंजाब के नंगल और श्रीआनंदपुर साहिब जाना पड़ता है। 3 अगस्त 2008 को श्री नयनादेवी मंदिर में हुए हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई घायल हो हुए थे। उस समय लोगों को अच्छी सुविधा वाले अस्पताल की जरूरत महसूस हुई। सिविल अस्पताल बनने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अस्पताल के निर्माण के लिए बजट जारी कर सारी औपचारिकताएं पूरी करवा ली हैं। दो साल के भीतर अस्पताल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।