पंजाब-हिमाचल सीमा से सटे स्वारघाट आरटीओ बैरियर पर तैनात होमगार्ड के जवानों को पिछले छह महीने से वेतन न मिल रहा है। हैरानी इस बात की है कि जवान बिना वेतन के 15 से 16 घंटे ड्यूटी देने को मजबूर हैं।
इस वजह से जवानों के सामने आर्थिक तंगहाली का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि होमगार्ड जवान राशन और जरूरी सामान भी उधार लेकर गुजर बसर कर रहे हैं।
इसके बावजूद आरटीओ विभाग जवानों की आर्थिक तंगहाली को लेकर असंवेदनशील बना हुआ है। बैरियर से सरकार को हर वर्ष करोड़ों का राजस्व आमदनी के रूप में मिलता है।
मगर इसी बैरियर पर तैनात बिना वेतन के पिछले छह महीन से जीवनयापन कर रहे हैं। बिना पगार के उनके परिवारों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
आरटीओ बैरियर पर ड्यूटी दे चुके होमगार्ड के जवान राजेश, रामपाल, सीताराम, राजेश और राजकुमार ने बताया कि उन्हें छह महीने काम करने के बाद भी अभी तक पगार नहीं मिली है।
इस कारण वह बच्चों की स्कूल की फीस से लेकर दुकानों का राशन भी उधार से चला रहे हैं। होमगार्ड एसोसिएशन के राज्य स्तरीय प्रचार मंत्री और जिला प्रेस सचिव विजय कुमार राणा ने कहा कि हमारे जवान आरटीओ बैरियर स्वारघाट पर 16-16 घंटे ड्यूटी देने के बावजूद भी पगार के लिए तरस रहे हैं।
इस कारण जवानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरटीओ विभाग से मांग की है कि जिन जवानों की पगार रुकी हुई है उसे शीघ्र एरियर सहित जारी किया जाए। ताकि जवानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस बारे में आरटीओ बिलासपुर एमएल धीमान ने कहा कि होमगार्ड के जवानों का एरियर बनना था। इस वजह से फाइल शिमला भेजी गई थी। अब फाइल तैयार हो चुकी है, कुछ दिनों में जवानों का पूरा पैसा दे दिया जाएगा।