किडनी, प्रोस्टेट, मूत्र रोगों के मरीजों को मिलेगा अधिक सटीक, सुरक्षित और आधुनिक इलाज
बिना बड़े चीरे के दूरबीन आधारित सर्जरी होगी और अधिक प्रभावी
कम दर्द, कम रक्तस्राव और संक्रमण के खतरे में आएगी कमी
ऑपरेशन के बाद मरीजों की रिकवरी होगी तेज, अस्पताल में कम समय रहना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग की सुविधाएं जल्द ही नई ऊंचाई पर पहुंचने वाली हैं। विभाग को मिलने वाला अत्याधुनिक हाई-डेफिनिशन एंडोविजन सिस्टम मरीजों के इलाज को अधिक सटीक, सुरक्षित और आधुनिक बनाएगा। इस तकनीक के माध्यम से डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों को अत्यंत स्पष्टता के साथ देख सकेंगे, जिससे जटिल सर्जरी और उपचार प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो जाएगी।
यूरोलॉजी विभाग में आने वाले अधिकांश मरीज किडनी स्टोन, बढ़े हुए प्रोस्टेट, मूत्राशय की बीमारियों, मूत्र मार्ग में रुकावट, संक्रमण और अन्य जटिल समस्याओं से पीड़ित होते हैं। इन बीमारियों के इलाज में कई बार शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बारीकी से देखना आवश्यक होता है। हाई-डेफिनिशन एंडोविजन सिस्टम डॉक्टरों को शरीर के भीतर का बेहद स्पष्ट और विस्तृत दृश्य उपलब्ध कराएगा, जिससे बीमारी की पहचान और उपचार दोनों अधिक सटीक हो सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली विशेष रूप से एंडोस्कोपिक और मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में उपयोगी है। इन सर्जरी में शरीर पर बड़े चीरे लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। छोटे उपकरणों और कैमरे की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, खून कम बहता है और ऑपरेशन के बाद जटिलताओं की संभावना भी घट जाती है। नई तकनीक का लाभ खासकर किडनी की पथरी के मरीजों को मिलेगा। पथरी निकालने की प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों को अंदरूनी हिस्सों का स्पष्ट दृश्य मिलेगा, जिससे उपचार अधिक सुरक्षित और प्रभावी होगा। इसी तरह प्रोस्टेट संबंधी रोगों और मूत्राशय की सर्जरी में भी बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। डॉक्टरों का मानना है कि हाई-डेफिनिशन विजुअलाइजेशन के कारण ऑपरेशन के दौरान आसपास की नसों और ऊतकों को नुकसान पहुंचने की संभावना कम होगी। इससे मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और सर्जरी की सफलता दर में भी सुधार होगा। मरीजों के लिए एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि ऑपरेशन के बाद रिकवरी का समय कम लगेगा। अधिकांश मामलों में मरीज जल्दी चल-फिर सकेंगे और अपेक्षाकृत कम समय में सामान्य जीवन में लौट पाएंगे। कुल मिलाकर यह सुविधा एम्स बिलासपुर में आने वाले यूरोलॉजी मरीजों के लिए इलाज की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाने वाली साबित होगी और उन्हें महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।