एम्स की आपात सेतु पहल पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी, बिलासपुर से शुरू होगी योजना
-मंत्री धर्माणी ने एम्स के अधिकारियों के साथ बैठक कर की चर्चा
-रेफर होने से पहले ही दूसरे अस्पताल तक पहुंचेगी मरीज की पूरी मेडिकल जानकारी
-एम्स में स्टाफ क्वार्टर, पार्किंग और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
-आधुनिक चिकित्सा उपकरणों जैसी सुविधाएं अन्य सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने की योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में शुरू की गई आपात सेतु पहल को पूरे हिमाचल में लागू करने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयास करेगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस पहल के माध्यम से प्रदेश के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर और ज्यादा बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इतना ही रेफर होने पर मरीज की पूरी जानकारी भी संबंधित अस्पताल में पहुंच जाएगी।
बुधवार को एम्स बिलासपुर के दौरे के दौरान अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए धर्माणी ने कहा कि योजना की शुरुआत बिलासपुर जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को आपस में जोड़कर की जाएगी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रयास होगा। उन्होंने बताया कि आपात सेतु व्यवस्था के तहत किसी मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने पर उसकी पूरी चिकित्सीय जानकारी पहले ही संबंधित संस्थान तक पहुंच जाएगी। इससे उपचार में होने वाली देरी कम होगी और मरीज को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। मंत्री ने कहा कि एम्स बिलासपुर को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल करने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग दे रही है। संस्थान परिसर के बाहर रेन शेल्टर, पार्किंग, कर्मचारियों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा और अतिरिक्त स्टाफ क्वार्टर जैसी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। धर्माणी ने बताया कि एम्स परिसर में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जा चुका है और ट्रांसमिशन लाइन का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।
इसके अलावा करीब सात करोड़ रुपये की लागत से कोलडैम से पेयजल आपूर्ति योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नगर एवं ग्राम नियोजन से जुड़े लंबित मामलों का समाधान पहले ही किया जा चुका है। कहा कि एम्स में उपलब्ध आधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की तर्ज पर प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भी सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 750 बिस्तरों की क्षमता वाले एम्स में 760 मरीजों को भर्ती कर उपचार सुविधा प्रदान की जा रही है। बैठक में उपायुक्त राहुल कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह, एम्स के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।