बिलासपुर। नियमित कक्षाएं शुरू होने के एक हफ्ते बाद भी जिले के किसी भी स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के कोराना टेस्ट स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नहीं किए हैं। प्रदेश के कई स्कूलों से बच्चों और शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव आने के मामले सामने आ रहे हैं। सीएमओ बिलासपुर का कहना है कि अभी तक उन्हें स्कूलों में टेस्ट करने के लिए उपायुक्त से अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने के बाद स्कूलों में सैंपलिंग शुरू कर दी जाएगी।
प्रदेश के कई जिलों में सरकारी व निजी स्कूलों में छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे है। इससे अभिभावकों को चिंता सता रही है। अगर बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हुई तो बोर्ड परीक्षा में वे अच्छे नंबरों से पास नहीं हो पाएंगे। लेकिन कोरोना का भय उससे ज्यादा है। लेकिन जिला बिलासपुर में अभी तक स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों की कोरोना जांच नहीं करवाई जा रही है। इससे जिले में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जिला के सरकारी स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों की कक्षाएं नियमित कर दी गई हैं। लेकिन करीब 45 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। 12वीं कक्षा के बच्चों की तादाद ज्यादा है।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रकाश दड़ोच ने कहा कि अभी तक स्कूलों में कोरोना सैंपलिंग नहीं की जा रही है। कहा कि उपायुक्त के आदेश के बाद ही जिले में शिक्षकों व बच्चों की कोरोना जांच शुरू की जाएगी।
सीएमओ की तरफ से स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के कोरोना सैंपल लेने की अनुमति के लिए पत्र मिला है। स्कूलों के साथ टैक्सी यूनियनों, ट्रक यूनियनों में भी ऑपरेटरों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रोहित जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर