स्थानीय व्यक्ति ने पीएमओ को भेजा पत्र
प्रदेश में क्रशर की अनुमति देने पर रोक लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत पंतेहड़ा व मरहाणा पंचायत के मध्य ध्रुग खड्ड में क्रशर लगाने को लेकर पंचायत की ओर से जारी एनओसी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। स्थानीय एक व्यक्ति ने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है। शिकायतकर्ता व्यक्ति ने हिमाचल में हुई आपदाओं के जिक्र करते हुए कहा है कि हिमाचल में क्रशर लगाने की अनुमति पूरी तरह बंद की जाए। ताकि भविष्य में आपदाओं के दौरान हिमाचल को बचाया जा सके।
स्थानीय व्यक्ति डॉ. रितिक ने पीएमओ को लिखा है कि हिमाचल प्रदेश की नाजुक भौगोलिक परिस्थितियों और पिछले कुछ वर्षों की प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन पर गंभीरता से विचार करना होगा। आपदाओं के कारण सैंकड़ों जाने गई, करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। एक तरफ केंद्र सरकार आपदाओं को लेकर विशेष राहत सहायता प्रदान कर रही है, वहीं पर हिमाचल में नए क्रशर लगाने की प्रकियाएं चल रही हैं, जो जैव विविधता, जल स्रोतों व ग्रामीण आजीविका पर सीधा खतरा है। व्यक्ति ने लिखा है कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसके लिए सरकार व आम नागरिक को पर्यावरण की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। पत्र में लिखा है कि पंतेहड़ा ओर मरहाणा पंचायत के मध्य ध्रुग खड्ड में क्रशर लगाने की प्रकिया चल रही है, जिसकी एनओसी भी पंचायत की ओर से जारी कर दी गई है। पत्र में लिखा है कि इस एनओसी के विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधीश बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा है। 400 से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर इस क्रशर के विरोध में अपनी बात कही है। एनओसी जारी करने से पहले ग्रामीणों की राय तक नहीं ली गई। पत्र में लिखा गया है कि यह सिर्फ एक ध्रुग नाले में लगने वाले क्रशर की बात नहीं है, अगर हिमाचल जैसे राज्य को बचाना है तो किसी भी सूरत में क्रशर लगाने की अनुमति न दी जाए।