- बोले, सड़कों पर खुले में छोड़े जा रहे टैग लगे मवेशी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश में पालतू मवेशियों की पहचान के लिए टैगिंग की जा रही है, ताकि उन्हें सड़कों पर लावारिस छोड़ने वालों की पहचान हो सके, लेकिन फिर भी लोग बेखौफ होकर टैग लगे मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ने से बाज नहीं आ कर रहे हैं। जिम्मेवार विभाग भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं। यह बात प्रगति समाज सेवा समिति भगेड़ के अध्यक्ष एवं गो सेवक सुनील शर्मा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं की संख्या सड़काें पर दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आए दिन यह लावारिस पशु वाहनों की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। यही नहीं इन पशुओं के सड़कों पर खुला घूमने से अक्सर वाहन चालक भी जख्मी हो रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन आंखें मूंद कर बैठे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सड़कों पर घूम रहे इन लावारिस गोवंश में से अधिकतर में टैग लगे हैं। ऐसा लगता है कि सरकार की टैगिंग की योजना पूरी तरह से असफल हो चुकी है। लोग पशुओं को सड़कों पर छोड़ने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे हैं, लेकिन कोई भी सरकार इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है, जबकि टैग लगे पशुओं के मालिकों की पहचान करना आसान है और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गोवंश को सड़कों पर बेसहारा छोड़ने वालों के खिलाफ कानून बने हैं, उनका सख्ती से पालन करवाया जाए।