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पैरा पैटस महासंघ ने किया वेतन आयोग की अधिसूचना का कड़ा विरोध

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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग पैरा पैट्स महासंघ की बैठक प्रधान दिलबाग जम्वाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें सरकार की ओर से जारी वेतन आयोग की अधिसूचना का कड़ा विरोध किया गया।
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बैठक में पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए महासचिव रजनीश गौतम ने बताया कि हिमाचल सरकार का अपना वेतन आयोग न होने के कारण पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के समकक्ष अपने कर्मचारी का वेतन निर्धारण करती है।
हाल ही में हिमाचल सरकार ने 3 जनवरी 2022 को अपने कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग को लागू करने की अधिसूचना जारी की है जो कि पंजाब के वेतन आयोग की रिपोर्ट से बिल्कुल भिन्न है और हिमाचल सरकार ने इस पे कमीशन की रिपोर्ट को तोड़ मरोड़ कर जारी किया है, जो सरासर गलत है। यदि सरकार ने अपनी ही रिपोर्ट इस तरह से अधिसूचित करनी थी तो 5 साल का इंतजार क्यों किया। पहले ही अपने स्तर पर पे कमीशन की अधिसूचना जारी कर देनी चाहिए थी। रजनीश गौतम ने कहा कि इस आधी अधूरी पे कमीशन की रिपोर्ट को अधिसूचित करके सरकार और कुछ स्वयंभू कर्मचारी नेता जो अपने आपको कर्मचारी हितैषी होने का दावा करते हैं, झूठी वाहवाही कर रहे हैं।
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पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए तीन विकल्प जारी किए हैं। इनमें 2.59, 2.25 गुणांक कारक एवं 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि है। जबकि हिमाचल सरकार ने केवल 2.59 एवं 2.25 गुणांक कारक का ही विकल्प जारी किया है। जिससे पशुपालन विभाग में नियुक्त पैरा पैट्स कर्मचारियों को लाभ होने की बजाय नुकसान हो रहा है। यही नहीं कई कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ने की बजाय कम हो रही है। यह किस तरह का वेतन आयोग है, समझ से परे है। पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ ने सरकार से मांग की है कि पंजाब की तर्ज पर 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि के विकल्प की अधिसूचना अविलंब जारी करें अन्यथा प्रदेश के पैरा पैट्स नए स्केल के लिए विकल्प नहीं देंगे और मजबूरन संघ को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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