1.07 लाख रुपये की वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग करेगा नीलामी
भगेड़ के पास पकड़ी गई थी छह हजार वर्ग फुट वुडन पैनल की खेप
ई-वे बिल और माल की वास्तविक कीमत में मिला था अंतर
नोटिस के बावजूद जमा नहीं करवाई गई 1.07 लाख रुपये की पेनल्टी
सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को सौंपा जाएगा जब्त माल
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। आबकारी एवं कराधान विभाग घुमारवीं पेनल्टी की बकाया राशि की वसूली के लिए जब्त किए गए माल की नीलामी करवाने जा रहा है। विभाग के इतिहास में यह पहला अवसर माना जा रहा है जब किसी मामले में निर्धारित पेनल्टी जमा न होने पर जब्त किए गए सामान को खुले तौर पर नीलाम किया जाएगा। विभाग ने नीलामी प्रक्रिया 11 जून से 25 जून के बीच पूरी करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार विभागीय टीम ने गत 11 मई को भगेड़ कस्बे के समीप एक ट्रक को नियमित जांच के दौरान रोका था। वाहन में करीब छह हजार वर्ग फुट वुडन पैनल की खेप ले जाई जा रही थी। दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को माल की वास्तविक कीमत और ई-वे बिल में दर्ज विवरण के बीच अंतर मिला। जांच में सामने आया कि माल की वैल्यू और ई-वे बिल का विवरण आपस में मेल नहीं खा रहा था। नियमों के उल्लंघन के चलते विभाग ने संबंधित खेप पर 1,07,400 रुपये की पेनल्टी लगाई और पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद माल मालिक को नोटिस जारी कर दस दिनों के भीतर पेनल्टी राशि जमा करवाने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। हालांकि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी न तो पेनल्टी जमा करवाई गई और न ही विभाग को कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्ष की ओर से सहयोग न मिलने के कारण अब राजस्व हितों की रक्षा के लिए जब्त माल की नीलामी का निर्णय लिया गया है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान इच्छुक व्यापारी निर्धारित आरक्षित मूल्य से अधिक बोली लगाकर सामान खरीद सकेंगे। सर्वाधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को उक्त माल आवंटित कर दिया जाएगा। नीलामी से प्राप्त राशि में सबसे पहले विभाग द्वारा लगाई गई 1,07,400 रुपये की पेनल्टी की वसूली की जाएगी। यदि नीलामी से अधिक राशि प्राप्त होती है तो शेष धनराशि नियमानुसार संबंधित मालिक के खाते में जमा कर दी जाएगी।
कोट
आबकारी एवं कराधान विभाग घुमारवीं के सहायक आयुक्त विकास ठाकुर ने बताया कि जब्त किए गए माल की नीलामी प्रक्रिया 11 जून से 25 जून के बीच पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय नियमों के तहत सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को माल सौंप दिया जाएगा तथा नीलामी से प्राप्त राशि से विभाग अपनी बकाया पेनल्टी की वसूली सुनिश्चित करेगा।