-नगर परिषद की धीमी कार्यप्रणाली से अधर में लटका पार्किंग प्रोजेक्ट
-व्यवस्था के अभाव में स्थानीय दुकानदारों को हो रहा है आर्थिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। दिवाली के मौके पर घुमारवीं शहर के लोगों को लगातार दूसरे वर्ष भी जाम की समस्या से जूझना पड़ा। डेढ़ साल पहले शहर के लिए एक पार्किंग प्लान तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और जाम की स्थिति को कम करना था, लेकिन अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
इस पार्किंग प्लान में शहर में विभिन्न स्थानों पर पार्किंग जोन और नो पार्किंग जोन को चिन्हित किया गया था। इसके अलावा, सभी पार्किंग स्थलों में कच्चे हिस्सों पर टाइल लगाने का प्रस्ताव भी शामिल था, ताकि स्थानीय लोगों और शहर में आने वाले अन्य लोगों के लिए गाड़ियों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की जगह मिल सके। इससे न केवल जाम की समस्या से राहत मिलती बल्कि नगर परिषद की आय में भी इजाफा होता। हालांकि, उप मंडलीय अधिकारी घुमारवीं ने कई बार नगर परिषद को टाइल लगाने के काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। शहर में पार्किंग व्यवस्था के अभाव में स्थानीय दुकानदारों को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के समय पर ग्राहकों की संख्या में कमी और जाम के कारण उनकी बिक्री पर बुरा असर पड़ा। दुकानदारों को उम्मीद थी कि दिवाली से पहले नई पार्किंग व्यवस्था लागू हो जाएगी, लेकिन नगर परिषद की लेटलतीफी के कारण इस साल भी जाम की समस्या कायम रही।
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पार्किंग प्लान के प्रमुख बिंदु
गांधी चौक से उपमंडल कार्यालय और गांधी चौक से होटल एम4यू तक नो पार्किंग जोन रहेगा। मुख्य बाजार में सुबह 8:30 से 11:00 बजे, दोपहर 3:00 से 6:00 बजे तक लोडिंग-अनलोडिंग पर प्रतिबंध। वाणिज्यिक वाहनों के लिए 22 निर्धारित स्थानों पर लोडिंग अनलोडिंग की अनुमति होगी। पोस्ट ऑफिस से अबढानीघाट तक और एनएच-103 पर पार्किंग के लिए चिन्हित स्थान।
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
उप मंडलीय अधिकारी गौरव चौधरी ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही टाइल लगाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद शहर में पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी।