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तमिलनाडु के चेन्नई, कोयम्बटूर की मंडियों में बिक रहा बिलासपुर का लहसुन

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जुखाला (बिलासपुर)। अदरक और टमाटर की खेती के लिए मशहूर बिलासपुर जिले के नम्होल और जुखाला क्षेत्र के किसानों का रुझान अब लहसुन की खेती की तरफ बढ़ रहा है। अब किसान बिलासपुर में भी लहसुन की व्यावसायिक खेती करने लगे हैं। इस सीजन में सब्जी मंडी नम्होल से 300 क्विंटल लहसुन बाहरी राज्यों की मंडियों में भेजा जा चुका है। किसानों को इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं।
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हिमाचल के लहसुन की दक्षिण भारत में मांग बढ़ रही है। इसका कारण इसका औषधीय गुणों से भरपूर होना है। नम्होल सब्जी मंडी में नम्होल, जुखाला, रानीकोटला, जयनगर, मलोखर आदि क्षेत्रों के किसान लहसुन बेचने के लिए ला रहे हैं। गत वर्ष इस सब्जी मंडी में मात्र 20 क्विंटल लहसुन ही पहुंचा था। इस बार लहसुन की आमद बढ़ गई है। यहां से लहसुन दक्षिण भारत के चेन्नई, कोयंबटूर आदि मंडियों में भेजा जा रहा है। किसानों को ए ग्रेड लहसुन के दाम 8500 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे थे। हालांकि, पंजाब और अन्य राज्यों का लहसुन भी इन मंडियों में जाने से दामों पर 20 रुपये की गिरावट आई है।
लहसुन की मंडी रविवार और वीरवार को लगती है। सब्जी मंडी नम्होल में सोलन की कंपनी के व्यापारी जगदीश ने बताया कि उन्होंने नम्होल सब्जी मंडी से बीते साल मात्र 10 से 20 क्विंटल लहसुन खरीदा था। लेकिन इस बार लहसुन की अच्छी फसल हुई है। सब्जी मंडी समिति बिलासपुर के सचिव संदीप गौतम ने बताया कि सब्जी मंडी नम्होल से 300 क्विंटल लहसुन दक्षिण की मंडियों में भेजा जा चुका है। यह केवल नम्होल क्षेत्र के गांव लुहारड़ा, दयोथ, सोसण, बाग, नम्होल और पंजेल से मंडी में आया था। यह लहसुन 30 से 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। संवाद
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