भीषण आग में दहकता बिलासपुर की बहादुरपुर धार का जंगल। संवाद
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जुखाला (बिलासपुर)। बंदलाधार और बहादुरपुर धार के जंगल दो दिन से दहक रहे हैं। जंगलों में भड़की आग से लाखों की वन संपदा की क्षति हुई है। एक स्कूटी और दो परिवारों का इकट्ठा किया घास भी जल गया है। जंगल में मौजूद एक घर को खतरा बना हुआ है। इसके अलावा जंगली जानवरों के जलने का भी अंदेशा है। खबर लिखे जाने तक वन और दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोग आग बुझाने में लगे हुए थे। स्थानीय लोग विभागीय कर्मियों के खाने-पीने का भी प्रबंध कर रहे हैं।
जानकारी अनुसार रविवार दोपहर को बहादुरपुर धार में टेपरा गांव के पास जंगल में आग लग गई, जबकि बंदलाधार में संगलेड़ी गांव के पास जंगल में आग रविवार रात को लगी। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने वन और दमकल विभाग को दी। दोनों विभागों के कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे, लेकिन तेज हवा चलने से आग फैलती चली गई। आग रविवार रात को बहादुरपुर में जल शक्ति विभाग और वन विभाग के रेस्ट हाउस तक पहुंच गई, लेकिन कर्मियों और लोगों ने दोनों रेस्ट हाउसों को जलने से बचा लिया। वहीं, संगलेड़ी गांव के पास खड़ी एक स्कूटी आग की भेंट चढ़ गई।
टेपरा पंचायत के उपप्रधान देशराज ने बताया कि रविवार से जंगल में आग लग हुई है। आग को बुझाने में स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं। बान के पेड़ों का पूरा जंगल जल गए है। जंगली पशुओं और पक्षियों के जलने का भी अंदेशा है। बहादुरपुर धार की चोटी पर देवदार के पेड़ों का जंगल है। इसको बचाने के लिए पत्तियों को लोगों ने हटा दिया है ताकि आग देवदार के जंगल में न फैल सके। फायरमैन राजेश कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से आग को बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है और नुकसान का आंकलन भी नहीं हो पाया है।