भोट।धोखाधड़ी कर फर्जी अल्ट्रासांउट रिपेार्ट बनाकर मुकदमा दर्ज कराने में अस्पताल संचालक समेत चार लोग फंस गए है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपेार्ट दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के कजरियाई गांव निवासी शरीफ अहमद ने कोर्ट मे दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसका निकाह करीब दो वर्ष पूर्व लाकडाउन में स्वार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से हुआ था। शादी के 15 दिन बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गयी थी। कुछ दिनों बाद वह अपनी पत्नी को बुलाने गया तो उसके साले ने तबीयत खराब होने का बहाना बना कर टाल दिया। कुछ दिनों बाद महिला थाने से जानकारी मिली की उसकी पत्नी ने उसके तथा परिजनों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज करायी है। उसने मामले की जानकारी अपने साले से ली तो वह तीन लाख रूपये की मांग करने लगा। मांग पूरी न होने पर उसकी पत्नी ने कोर्ट को गुमराह करके झूठा अल्ट्रासाउंट व रिपोर्ट बनावकर दो माह का गर्भ दिखाते हुए पेट में चोट दिखाकर व्लीड़िग में बच्चे को मरना दर्शाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसमें उसके बूढे मां-बाप, बहन व भाई को जेल जाना पड़ा। जेल से रिहा होने के बाद शरीफ अहमद ने अल्ट्रासाउंट रिपोर्ट से सम्बन्धित जानकारी डायगोनिस्टिक सेंटर से जनसूचना के तहत मांगी तो उपलब्ध नहीं करायी गयी । जिस पर सूचना आयोग के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध करवाने पर पहली रिपोर्ट में दो माह का गर्भ गिरा हुआ दर्शाया गया तथा तथा नौ माह बाद की दूसरी रिपोर्ट में 33 सप्ताह 04 दिन का जीवित बच्चे का वजन 2.235 किलोग्राम दर्शाया गया तथा रिपोर्ट में पता भी गलत दिखाया गया था। जिस पर पीड़ित ने अपने अधिवक्ता कुलदीप कुमार के माध्यम से अपनी पत्नी रेहाना बेगम, साले परवेज अली, मेहराज अहमद व अस्पताल संचालक व डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।