फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: आयुष्मान कार्ड के बावजूद नहीं हुआ आंखों का ऑपरेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
महंगे लेंस मंगवाने की बात पर महिला ने जताया विरोध
विज्ञापन

20 जनवरी को हुए ऑपरेशन, 9 फरवरी को लगे मुफ्त कैंप का भी नहीं मिला लाभ

संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जिला अस्पताल बिलासपुर में आंखों के ऑपरेशन को लेकर 70 वर्षीय महिला ने अस्पताल प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। हरनोड़ा निवासी रत्नी देवी का कहना है कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद उनका ऑपरेशन नहीं किया गया, जबकि अन्य मरीजों के ऑपरेशन कर दिए गए।
रत्नी देवी के अनुसार 19 जनवरी को जिला अस्पताल में करीब 22 मरीजों के आंखों के ऑपरेशन से पहले सभी आवश्यक जांचें की गईं और उन्हें पंजीकरण संख्या 404 के तहत भर्ती किया गया। उन्होंने भी सभी टेस्ट कराए और भर्ती हुईं। महिला का आरोप है कि मरीजों से 5500 से 22 हजार रुपये तक कीमत के लेंस मंगवाने को कहा गया। उन्होंने इसका विरोध करते हुए बताया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड है, जिसके तहत मुफ्त इलाज का प्रावधान है।
विज्ञापन

महिला ने बताया कि उसी दिन शाम को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और कहा कि उनकी आंखों का ऑपरेशन मशीनों द्वारा किया जाएगा, जबकि अन्य मरीजों के ऑपरेशन 20 जनवरी को कर दिए। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि 9 फरवरी को जिला अस्पताल में दोबारा आंखों के मुफ्त ऑपरेशन हुए, लेकिन उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं दिया गया। मजबूरन उन्हें पालमपुर के चैरिटेबल अस्पताल में आंखों का ऑपरेशन करवाना पड़ा।
रत्नी देवी ने सवाल उठाया कि जब आयुष्मान कार्ड और हिम कार्ड के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त है, तो फिर उनका ऑपरेशन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण के कारण उन्हें भारी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। रत्नी देवी ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विज्ञापन

सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने पर आयुष्मान कार्ड मान्य होता है। मामले की विस्तृत जानकारी एमएस ही दे सकते हैं। एमएस बिलासपुर डॉ. एके सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें