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Bilaspur News: मारकंड और घवांडल अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ के पद खाली

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- लोगों को करना पड़ रहा निजी अस्पतालों का रुख
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- उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान

संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)।

सिविल अस्पताल मारकंड और घवांडल में करीब एक साल से नेत्र विशेषज्ञ के पद खाली हैं। लोगों को आंख की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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मारकंड और घवांडल सिविल अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए आंखों की जांच या आंख संबंधी रोग का उपचार कराने पहुंच रहे लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। इन दोनों अस्पतालों पर करीब 60 हजार की आबादी निर्भर है। इतने लंबे समय से नेत्र विशेषज्ञ (ऑप्थेल्मिक) का पद खाली होने के कारण लोगों में रोष है। घवांडल अस्पताल में आंख की जांच नहीं होने से श्री नयना देवी के लोगों को पंजाब के आनंदपुर साहिब या निजी अस्पतालों में आंख की जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। इसी तरह मारकंड क्षेत्र के लोगों को मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार इन स्वास्थ्य संस्थानों में नेत्र विशेषज्ञों की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद खाली हुए है। भाजपा नेता दौलत राम ठाकुर, जुखाला पंचायत के प्रधान जगदीश ठाकुर, बाबूराम शर्मा, कर्मचंद ठाकुर, देव राज शर्मा, मारकंड पंचायत के उप प्रधान देवराज शर्मा, रानी कोटला पंचायत प्रधान परसराम ठाकुर, रमेश चंद, और हरदयाल सिंह आदि ने स्वास्थ्य विभाग से इन पदों को जल्द भरने की मांग की है।
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कोट
सिविल अस्पताल मारकंड और घवांडल में नेत्र विशेषज्ञ के पद सेवानिवृति के बाद खाली हुए हैं। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
डॉ. सुरेंदर बावा, खंड स्वास्थ्य अधिकारी।
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