बारिश में दवाइयां बहकर जलस्रोतों तक पहुंचने की आशंका, औषधि निरीक्षक ने दवाइयां कब्जे में लीं
लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के कोटलू गांव के साथ लगते नाले में एक्सपायरी दवाइयां और कूड़ा-कचरा फेंकने का मामला सामने आया है। इससे पर्यावरण और आसपास के जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि बारिश के पानी के साथ दवाइयां बहकर नीचे के क्षेत्रों में स्थित जलस्रोतों तक पहुंच सकती हैं। मामला सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक दिनेश गौतम ने दवाइयों को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नाले में रात के समय अज्ञात लोगों की ओर से दवाइयां और अन्य कचरा फेंका जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान नाले में पानी का बहाव बढ़ने से दवाइयां और कचरा दूर तक बह सकता है। इससे जलस्रोतों और आसपास की जमीन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, जलस्रोतों के दूषित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने मांग की है कि नाले में फेंकी गई दवाइयों का सुरक्षित निपटान करवाया जाए और इन्हें फेंकने वालों की पहचान की जाए। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और जलस्रोतों के आसपास एक्सपायरी दवाइयां या कचरा फेंकने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
समाजसेवी अमरनाथ धीमान ने भी मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नालों और जलस्रोतों में दवाइयां फेंकना गंभीर लापरवाही है। इससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों और प्रशासन से दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
कोट
नाले में फेंकी गई एक्सपायरी दवाइयों को कब्जे में ले लिया गया है और मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील की कि एक्सपायरी दवाइयों को खुले में न फेंकें। इनका निपटान निर्धारित सुरक्षित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण और जलस्रोतों को नुकसान न पहुंचे।
-दिनेश गौतम,औषधि निरीक्षक