विधायक और उनके साथियों पर मारपीट के आरोप को लेकर पूर्व सैनिकों ने बिलासपुर में रोष रैली का आयोजन किया। वहीं विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सीएम को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया।
इस मौके पर पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा कि 7 जून को विधायक और उनके साथियों ने पूर्व कैप्टन राम लाल पर जानलेवा हमला किया।
वहीं जान से मारने की धमकी भी दी। देश की सेवा करने वालों के साथ इस प्रकार का व्यवहार हो रहा है। लेकिन इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं पुलिस के कार्रवाई न करने पर 10 जून को एसपी बिलासपुर को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूर्व पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि बिलासपुर में गुंडाराज नहीं चलने दिया जाएगा।
बिलासपुर को यूपी बिहार नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा घटना को 12 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। पूर्व सैनिकों ने साफ किया कि अगर 7 दिनों में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर कैप्टन नरेंद्र, भाग सिंह, विशन सिंह, राम लाल, धनी राम, अमर नाथ दीवान, जोगिंद्र सेन, रूप लाल, सुरेंद्र, बालक राम, जीत राम, हरी सिंह, जगदीश सिंह, ईश्वर सिंह, अमर सिंह, रामा नंद, बलदेव शर्मा, सर्वजीत सिंह और कुलदीप सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
कुछ पूर्व सैनिकों ने बताया स्वार्थ की राजनीति
बिलासपुर। जहां एक ओर पूर्व सैनिकों ने सदर के विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वहीं कुछ पूर्व सैनिकों के विधायक का पक्ष लेते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए पूर्व सैनिकों को ढाल बना रहे है।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर सुखराम, रोशन लाल, कृष्ण लाल, देश राज और कृष्ण लाल ने सर्किट हाउस में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि कुछ लोग विधायक को बदनाम कर रहे है। उन्होंने पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद से अपील की है कि वह मौके पर चलें और लोगों से पूछें की किसने किसके साथ मारपीट की।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर गए थे। जहां लोगों से बातचीत करके पता चला कि विधायक का कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा पूर्व कैप्टन राजनीतिक खेल खेल रहे है। जो गलत है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है। इसमें सब सामने आ जाएगा।