अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ इकाई बरठीं ने 15 मई, 2003 के बाद नियमित सेवा लाभ प्राप्त करने वाले हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग और वर्क चार्ज श्रेणी के कर्मचारियों को सरकार द्वारा भविष्य निधि और पेंशन लाभ से वंचित करने का कड़ा विरोध किया है।
महासंघ ने सरकार को चेताया है कि यदि जल्द ही यह निर्णय नहीं बदला गया, तो प्रदेश के हजारों कर्मचारी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
महासंघ इकाई बरठीं ने वीरवार को कर्मचारी हितार्थ अधिवेशन का आयोजन किया। इसमें समस्त कर्मचारियों और महासंघ के नेताओं ने कहा कि वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार 15 मई, 2003 से पहले नियमित सेवा लाभ प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं पेंशन लाभ दिया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों कर्मचारियों के साथ अन्याय न हो।
इससे पहले माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें दस वर्ष दैनिक भोगी कार्य करने के बाद नियमित करने के आदेश प्रदेश सरकार को दिए थे। इस कारण कर्मचारियों को दस वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित किया गया था।
लेकिन अब कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं पेंशन लाभ से वंचित कर दिया गया। जो सरासर गलत है। इस अवसर पर महासंघ के बरठीं खंड के प्रधान परमिंद्र जम्वाल, महासचिव रविंद्र सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान अस्मेल मोहम्मद और वित्त सचिव धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।