- बिलासपुर में सड़क पर उतर कर किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
- विमल नेगी की रहस्यमय मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
- महापंचायत में बोले लोकेश, बोर्ड की वर्तमान स्थिति के लिए प्रदेश सरकार, प्रबंधन जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्स, युक्तिकरण, लंबित वित्तीय लाभों के मुद्दे को लेकर विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर महापंचायत में जमकर गरजे। बिलासपुर में हुई महापंचायत के बाद उन्होंने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन भी किया। अंत में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा।
शहर रौड़ा सेक्टर स्थित ऑडिटोरियम में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, अभियंताओं और पेंशनरों की संयुक्त एक्शन कमेटी ने बिजली महापंचायत की। इसमें प्रदेश भर से आए सैंकड़ों कर्मचारियों और पेंशनरों ने भाग लिया। महापंचायत में सबसे पहले मुख्य अभियंता विमिल नेगी को श्रद्धांजलि दी गई। कमेटी के संयोजक लोकेश ठाकुर ने कहा कि विद्युत बोर्ड वित्तीय संकट में है। कर्मचारियों के अभाव से उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। बोर्ड की वर्तमान स्थिति के लिए सीधे प्रदेश सरकार और प्रबंधन जिम्मेदार है। सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि विद्युत बोर्ड में खाली पदों को भरने के बजाए युक्तिकरण के नाम पर पदों को समाप्त कर कर्मचारियों को सरप्लस किया जा रहा है। प्रदेश सरकार और विभागों से सब्सिडी और बिजली के बिलों का करीब 1,000 करोड़ रुपये लंबित पड़ा हुआ, जिससे बोर्ड की वित्तीय स्थिति और बिगड़ी है। सरकार यदि इस पैसे को बोर्ड को रोल बैक करती है तो बोर्ड की सारा वित्तीय संकट खत्म हो जाएगा। आज बोर्ड में भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर है, लेकिन प्रदेश सरकार इस पर रोक लगाने के बजाए उल्टे कर्मचारियों को सरप्लस करने में और उनके वित्तीय लाभों को रोक कर बैठी है। सरकार और बोर्ड प्रबंधन को तुरंत संयुक्त एक्शन कमेटी से बातचीत करनी चाहिए, जिससे गतिरोध को खत्म जा सके। उन्होंने चेताया कि यदि आक्रोश को देखते हुए प्रबंधन मांगों पर पर वार्ता और समाधान नहीं करता है तो जेएसी कड़े निर्णय लेने को मजबूर होगी। प्रदेश सरकार की ओर से कोई पहल न होने पर अगली जिला बिजली पंचायत रामपुर बुशहर में 5 मई को होगी। महापंचायत के बाद ऑडिटोरियम से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। विमल नेगी अमर रहे के नारे भी लगाए गए। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। महापंचायत में एएस गुप्ता, होशियार सिंह चंदेल, चंद्र सिंह मंडयाल, डीएस ढटवालिया, कुलदीप सिंह खरवाड़ा, कामेश्वर शर्मा, यशवंत चौहान, गौरव शर्मा, राम लाल शर्मा, मनोज पूरी, दीपक चौहान, दिनेश कौंडल, जोगिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
इनसेट
यह मांगे रखी
महापंचायत में संयुक्त एक्शन कमेटी ने मुख्य अभियंता विमल नेगी की रहस्यमय मौत की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। बर्खास्त किए गए यूनियन के पदाधिकारी नीतीश कुमार को बहाल करने, बोर्ड में एकतरफा युक्तिकरण और पदों में कटौती पर रोक लगाने, समाप्त किए गए 51 पदों को बहाल करने, टी मेट के 1,030 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, जेओए (आईटी) की बोर्ड में नियुक्ति करने, मई 2003 के बाद भर्ती बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने, पेंशन बकाया राशि, लीव इन्केशमेंट और ग्रेच्युटी की अदायगी करने, आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाने, छंटनी किए गए 81 चालकों को फिर से काम पर रखने, सरकार, बोर्ड प्रबंधन और संयुक्त मोर्चा के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का पालन करने और उनके परामर्श के बिना किसी भी संचार और अन्य परिसंपत्ति का हस्तांतरण नहीं करने, बोर्ड के सब स्टेशन और पावर हाउस के संचालन और रखरखाव की आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग उठाई गई।
बिलासपुर में आयोजित बिजली महापंचायत में उपस्थित विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर । संवाद
बिलासपुर में आयोजित बिजली महापंचायत में उपस्थित विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर । संवाद