बंदला पहुंची इलेक्ट्रिक बस। संवाद
पहाड़ी मार्ग पर तीखे मोड़ और चढ़ाई के बीच बस की क्षमता का हो रहा परीक्षण
तकनीकी दिक्कत नहीं आई तो यात्रियों को मिलेगी पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर से बंदला जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। एचआरटीसी ने वीरवार को पहली बार बिलासपुर-बंदला रूट पर इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल किया। सुबह इलेक्ट्रिक बस बिलासपुर से बंदला के लिए रवाना हुई और निर्धारित रूट पर संचालित की गई। पहाड़ी और चढ़ाई वाले इस मार्ग पर बस की क्षमता और तकनीकी प्रदर्शन को परखा जा रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार, यदि इलेक्ट्रिक बस का संचालन सफल रहता है और किसी तरह की तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आती है तो आने वाले समय में इस रूट पर इसे नियमित रूप से चलाया जा सकता है। जिले में 15 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने एचआरटीसी प्रबंधन को बिलासपुर-बंदला रूट पर भी इलेक्ट्रिक बस चलाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि वर्तमान में डीजल बसों से संचालित किए जा रहे रूटों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाएगा। इसी दिशा में अब बंदला रूट पर इलेक्ट्रिक बस का परीक्षण शुरू किया गया है। बंदला क्षेत्र का मार्ग पहाड़ी और चढ़ाई वाला है। रास्ते में कई स्थानों पर तीखे मोड़ और चढ़ाई होने के कारण इलेक्ट्रिक बस के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखी जा रही है। एचआरटीसी प्रबंधन यह देखेगा कि बस पहाड़ी परिस्थितियों में किस तरह प्रदर्शन करती है और यात्रियों को सफर के दौरान किस स्तर की सुविधा मिलती है।
नियमित सेवा शुरू होने से ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
बंदला क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बिलासपुर आते-जाते हैं। ऐसे में यदि इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल सफल रहता है और सेवा नियमित होती है तो क्षेत्र के लोगों को पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। मंडलीय प्रबंधक बिलासपुर विवेक लखनपाल ने बताया कि वीरवार को इलेक्ट्रिक बस को बंदला क्षेत्र में भेजकर इसका परीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि संचालन सफल रहने पर भविष्य में इस रूट पर इलेक्ट्रिक बस को निरंतर चलाने की योजना है।