झंडूता (बिलासपुर)। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने की सरकार से मांग की जा रही है। स्नातक डिग्री हासिल कर चुके बेरोजगार युवाओं के हाथों में पंचायतों का कार्यभार आने से विकास कार्यों में पारदर्शिता होगी और गुणवत्ता भी सुधरेगी।
सुमन कपिल, नीतीश कपिल, विजय कपिल, अनिल कुमार, अजय कुमार, दिनेश कुमार, विपन कुमार सहित अन्य स्नातक बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के ऑनलाइन अपडेशन से लेकर लाभार्थियों को ऑनलाइन पेमेंट करने जैसे कार्य पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किए जाते हैं। गांव की सरकार चलाने में इनकी अहम भूमिका होती है। यदि पंचायत प्रतिनिधि पढ़े-लिखे होंगे तो विकास कार्य पारदर्शिता से होंगे। सरकार पंचायतीराज संस्थाओं में संशोधन कर इसे तुरंत प्रभाव से लागू करे।