डाहड स्कूल में आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
नशे के दुष्प्रभावों पर दी जानकारी, युवाओं से शिक्षा और खेल गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग बिलासपुर के सौजन्य से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत डाहड के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डाहड़ और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जबलू में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत डाहड के प्रधान, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों, अध्यापकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। ज्ञान-विज्ञान समिति की रिसोर्स पर्सन प्रोमिला बसु और जगदंबा ठाकुर ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपने साथियों और समाज में भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और नशे के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने और जन-जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्ति शपथ के साथ हुआ।