पेयजल योजना के विरोध में अनशन पर बैठे ग्रामीण । संवाद
पदाधिकारी बोले, क्रमिक अनशन में बैठे लोगों को वीडियो बनाने से भी रोका
फिर से होगी किसान महापंचायत, तैयारियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सोलन सीमा पर त्रिवेणीघाट में अली खड्ड पर बन रही पेयजल योजना के विरोध में हुई हिंसक झड़प की जांच कर रही एसआईटी (विशेष अन्वेषण दल) पर क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों को धमकाने का आरोप लगा है।
अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि सोलन की एसआईटी बिलासपुर की सीमा में आंदोलन स्थल पर आई। एसआईटी में शामिल पुलिसकर्मियों ने क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों को धमकाया और वीडियो बनाने से रोका। उनके साथ बहस भी की। समिति ने फिर से किसान महापंचायत करने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति के उपप्रधान कर्म सिंह ठाकुर ने कहा कि बुधवार सुबह एसआईटी आंदोलन स्थल पर पहुंची। उसमें शामिल पुलिस के जवानों ने धमकी देकर कहा कि खड्ड से पानी तो जाएगा ही जाएगा। जब उनकी वीडियो बनाने लगे तो उन्हें जबरदस्ती रोका गया।
समिति ने कहा कि शांति प्रिय आंदोलन को जोर जबरदस्ती, डरा धमका कर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने कहा कि क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों की सुरक्षा बिलासपुर पुलिस की है। पुलिस को इस मामले पर स्वयं ही संज्ञान लेना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे इसकी शिकायत बिलासपुर पुलिस से करेंगे। उन्होंने कहा कि लोग 29 दिन से हक के लिए शांतिप्रिय आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन को हर तरीके से कुचलने का प्रयास हो रहा है। राजनीतिक दबाव में रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें बताया है कि यह पेयजल योजना नवगांव खड्ड से बनाई जा रही है। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में कोई नवगांव खड्ड नहीं है। जिस खड्ड पर योजना बन रही वह अली खड्ड ही है। बुधवार को क्रमिक अनशन पर कांता शर्मा, शीला शर्मा, नानकी देवी, कुंजुम लता, प्रोमिला देवी बैठीं।