पिछले दो माह में कुत्तों के काटने के 70 मामले आए सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के तहत पूरे शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस पर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। लोग परेशान हैं लेकिन नगर परिषद के पास इनको पकड़ने के लिए कोई योजना नहीं है। यह लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है।
शहर की हर गली, मोहल्ले में कुत्तों की भरमार है। बस अड्डा, मीट मार्किट रोड, अस्पताल और गांधी चौक में कुत्ते घूमते रहते हैं। यह आवारा कुत्ते लोगों पर झपटते हैं। कई बार एक-दूसरे से लड़ते बीच सड़क में आ जाते हैं जिससे वाहन चालकों को हादसे का खतरा बना रहता है। रात के समय लोगों को काटने के लिए दौड़ते हैं। इन कुत्तों के डर से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। लोग भी बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। पिछले दो माह में सिविल अस्पताल घुमारवीं में कुत्तों के काटने के करीब 70 मामले सामने आ चुके हैं। दीपक, मदन, सुरजीत, दुर्गादास, अमित, अभी, अंकुश, राकेश,विक्की, नितेश, रामपाल, राजपाल और सुरेश ने मांग की है कि नगर परिषद जल्द से जल्द इन आवारा कुत्तों के लिए कोई योजना बनाए।
कोट्स
पिछले कुछ समय में कुत्तों के काटने के मरीजों की तादाद बढ़ी है। कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज के चार इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं। सिविल अस्पताल में यह टीका निशुल्क लगाया जाता है। कुत्ते के काटने के बाद तत्काल एंटी रैबीज का टीका लगवाना चाहिए। -आशुतोष शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल घुमारवीं
कोट्स
नगर परिषद की ओर से 10 डॉग कैचर मंगवाए गए हैं जो पशु चिकित्सा विभाग को दे दिए गए हैं। शहर में आवारा कुत्तों की तादाद को देखते हुए योजना बनाई जा रही है। जल्द ही पशु चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर इस पर कार्रवाई की जाएगी। -रीता सहगल, नगर परिषद अध्यक्ष, घुमारवीं