- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाई में मनाया विश्व मिर्गी दिवस
- भाषण प्रतियोगिता में संजू, सरिता और निशा रहे अव्वल
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला(बिलासपुर)। विश्व मिर्गी दिवस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं में डॉक्टर अनन्या की अध्यक्षता में मनाया गया। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता कराई गई। इसमें संजू ने प्रथम, सरिता ने दूसरा स्थान और निशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
डॉ. अनन्या ने बताया कि मिर्गी एक केंद्रीय नर्वस सिस्टम में होने वाली एक समस्या है। इसमें मस्तिष्क की गतिविधि असामान्य हो जाती हैं। इसके कारण दौरे पड़ने लगते हैं। ये दौरे आमतौर पर असामान्य व्यवहार के अलग-अलग चरण होते हैं, जिनमें जागरूकता की कमी, बेहोशी और झनझनाहट जैसी समस्या शामिल हो सकती है। मिर्गी जेनेटिक डिसऑर्डर या फिर दिमाग में चोट के कारण होती है और यह मस्तिष्क के असामान्य व्यवहार का कारण बन जाती है। जब किसी व्यक्ति को मिर्गी आए तो उसे घबराना नहीं है। उसे हिम्मत से काम लेना है। स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति को मिर्गी के दौरे के दौरान कंट्रोल करने की कोशिश न करें। पीड़ित व्यक्ति के आसपास भारी वस्तु या फिर हानिकारक वस्तु को दूर रखें नहीं तो उन्हें चोट लग सकती है। यदि पीड़ित व्यक्ति गर्दन कसकर रखने वाले कपड़े पहन रखें हैं तो उसे तुरंत ही ढीला कर लें। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को एक और मोड़ कर लेटा दें ताकि मुंह से निकलने वाला उल्टी या फिर तरल पदार्थ सुरक्षित रूप से बाहर निकले सके। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति के सिर के नीचे कुछ आरामदायक वस्तु या फिर तकिया रख दें। व्यक्ति को आराम करने दें या फिर यदि वह सोया हुआ है तो उसे सोने दें। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को अधिकांश दवाओं से ठीक किया जाता है। मिर्गी के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्ट यह है कि मिर्गी के उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए। मिर्गी पीड़ित होने के बारे में यदि किसी व्यक्ति को पता चलता है तो उसे तुरंत ही उसका उपचार शुरू करा देना चाहिए। जल्द उपचार से बिगड़ी हुई स्थिति को रोका जा सकता है।