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Bilaspur News: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जिले में धर्माणी को मंत्री पद के साथ मिली चुनौतियों की विरासत

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- कांग्रेस के एकमात्र विधायक के विपक्ष में खड़े हैं तीन विधायक
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-लोकसभा चुनावों के लिए धर्माणी का मंत्री बनना हमीरपुर संसदीय सीट के लिए फायदेमंद
-ईमानदारी और सादगी से लोगों के बीच में राजेश धर्माणी की है बेहतर छवि
-जिले की जनता की उम्मीदें बढ़ी, अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए करनी होगी मेहनत

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के एक साल बाद भले ही बिलासपुर को सुख की सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिल गई हो, लेकिन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के जिले में राजेश धर्माणी को मंत्री पद के साथ कई चुनौतियां भी विरासत में मिली हैं। बिलासपुर में वर्तमान में सत्ता पक्ष के एकमात्र विधायक राजेश धर्माणी हैं, वहीं तीन विधायक विपक्ष के हैं। ऐसे में धर्माणी को जिले और प्रदेश के विकास कार्यों के साथ विपक्ष के साथ भी निपटना होगा।
बिलासपुर को मंत्री पद मिलना लोकसभा चुनाव में हमीरपुर संसदीय सीट के लिए भी फायदे का काम करेगा। धर्माणी की ईमानदारी और सादगी के चलते जनता में बेहतर छवि है। इसका लाभ कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में मिलेगा। वहीं इनके मंत्री बनने के बाद जिले के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए धर्माणी को कड़ी मेहनत करनी होगी। हाल ही में प्रदेश बड़ी आपदा से गुजरा है। बिलासपुर की बात करें तो घुमारवीं विधानसभा में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं आपदा के तीन माह बाद भी जिले की कई सड़कें यातायात के लिए नहीं खुली हैं। इसके अलावा लोगों को हुए नुकसान की भी भरपाई नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को उम्मीद रहेगी कि मंत्री पद संभालने के बाद कम से कम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो। इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष भी समय-समय पर सरकार पर निशाना साधता रहा है। वहीं अब देखना यह है कि घुमारवीं का प्रतिनिधित्व करने वाले धर्माणी जिले और प्रदेश की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।
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घुमारवीं रहा है बिलासपुर में राजनीति का केंद्र
2017 से अब तक घुमारवीं बिलासपुर में राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है। भाजपा की पिछली सरकार में घुमारवीं से राजेंद्र गर्ग मंत्री थे और धर्माणी विपक्ष में थे। गर्ग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष में रहते हुए धर्माणी ने कई बार सवाल उठाए और घुमारवीं में हुई कई अनियमितताओं का विरोध भी किया। वहीं अब धर्माणी मंत्री बने हैं और घुमारवीं के अलावा बिलासपुर में भाजपा के तीन विधायक हैं। इन तीनों की नजर घुमारवीं में रहेगी। ताकि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हराने की भूमिका तैयार हो सके।
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बिलासपुर में रुके कार्यों को शुरू कराने का भी जिम्मा
प्रदेश में सरकार बदलने के बाद बिलासपुर में सबसे बड़ी ऐतिहासिक मंदिरों के पुनर्स्थापना परियोजना रुक गई है। इसके अलावा घुमारवीं में मिनी सचिवालय, इंडोर स्टेडियम, सीर खड्ड का तटीकरण, शिक्षा सदन, सीवरेज योजना को सिरे चढ़ाने की उम्मीद लोगों को धर्माणी से है। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि ईमानदारी के लिए पहचाने जाने वाले धर्माणी भ्रष्ट अधिकारियों और राजनीति से जुड़े भ्रष्ट लोगों पर भी लगाम लगाएंगे।
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