फोरलेन बनने के बाद हुआ है व्यापार पूरी तरह प्रभावित
होटल, ढाबों, दुकानों और अन्य व्यापारिक गतिविधियां ठप
छोटे व्यापारियों की आय में गिरावट आने से आजीविका प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। फोरलेन मार्ग शहर के दूसरे छोर से गुजर जाने के बाद बिलासपुर के स्थानीय व्यापार पर गहरा असर पड़ा है और व्यापारी वर्ग लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह बात हिमकोफेड निदेशक आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में व्यापार, रोजगार और खेल विकास को लेकर व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि पहले जब राष्ट्रीय राजमार्ग शहर के बीच से होकर गुजरता था, तब मनाली की ओर जाने वाले पर्यटक और यात्री बिलासपुर में रुकते थे, जिससे होटल, ढाबों, दुकानों और अन्य व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलता था। लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह यातायात शहर से बाहर हो गया, जिसका सीधा असर स्थानीय बाजारों की रौनक पर पड़ा है। आशीष ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी वर्ग लगातार मंदी से जूझ रहा है और बाजारों में पहले जैसी चहल-पहल नहीं रही। छोटे व्यापारियों की आय में गिरावट आने से उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिलासपुर शहर के दो किलोमीटर के दायरे में कोई बड़ा शैक्षणिक, औद्योगिक या विकासात्मक संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे संस्थान की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने लुहणू खेल मैदान के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि सतलुज नदी के किनारे स्थित लुहणू मेला ग्राउंड को ऊपर स्थित हॉकी स्टेडियम के साथ एकीकृत कर विकसित किया जाए तो यह एक विशाल और अत्याधुनिक खेल परिसर बन सकता है। कहा कि इस तरह का एकीकृत खेल परिसर तैयार होने पर यह न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे देश में प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे खेल गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना समय की आवश्यकता है। इससे एक ओर जहां खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।