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श्री नयना देवी समेत प्रदेश के शक्तिपीठों में कम चढ़ा चढ़ावा

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श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार ने रविवार को दुकानें बंद करने का फरमान जारी किया है। इसका असर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर पड़ना शुरू हो गया है। तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या कम दर्ज की जाने लगी है। दुकानदारों के साथ-साथ अब मंदिर के चढ़ावे पर भी असर दिखना शुरू हो गया है।
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विश्व विख्यात तीर्थ स्थल श्री नयना देवी जी में 29 नवंबर रविवार को लगभग 8,000 श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। मंदिर न्यास को 7,37,380 रुपये नकदी, सोना 75.250 मिली ग्राम और चांदी 753.300 मिली ग्राम चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई थी। 6 दिसंबर रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या घटकर 5080 रह गई। श्रद्धालुओं ने 5,10,187 रुपये नकदी, सोना 12.460 मिली ग्राम तथा चांदी 596.200 मिली ग्राम भेंट स्वरूप चढ़ाए। वहीं 5 पाउंड भी माता के चरणों में अर्पित किए गए। 29 नवंबर के रविवार की अपेक्षा गत रविवार चढ़ावे में 22,7,193 रुपये कम चढ़े। जबकि सोने में 62.790 मिली ग्राम तथा चांदी में 157.100 मिली ग्राम की कमी दर्ज की गई।
वहीं ब्रजेश्वरी देवी कांगड़ा मंदिर में 29 नवंबर को रविवार को 650 श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। भक्तों ने 28,979 रुपये नकदी चढ़ावे के रूप में चढ़ाए। जबकि गत रविवार को 520 श्रद्धालुओं ने ब्रजेश्वरी माता के दर्शन किए और 25,808 रुपये भेंट स्वरूप चढ़ाएं। कांगड़ा मंदिर में भी 3171 कम चढ़त हुई है। जबकि ज्वाला जी मंदिर में 29 नवंबर को श्रद्धालुओं की संख्या 3500 रही तथा मंदिर न्यास को 2,03,740 रुपये नकदी, चांदी 170 ग्राम व यूएसए के ड़ॉलर प्राप्त हुए। जबकि गत दिवस रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या घटकर 3300 रह गई। इस दौरान 1,94,820 नकद चढ़ाए गए। सोने-चांदी की रिपोर्ट शून्य रही। इस तरह से ज्वाला जी मंदिर में 8,920 रुपये की कमी दर्ज की गई। कांगड़ा के ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में सोने-चांदी की गिनती महीने में एक बार होती है। जबकि चामुंडा देवी मंदिर में 29 नवंबर रविवार को 612 श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे। जबकि गत दिवस रविवार को मात्र 261 श्रद्धालु ही दर्शनों के लिए पहुंचे। वहां पर मेन गल्ले की काउंटिंग सोमवार और वीरवार को होती है। जहां तक बाबा बालक नाथ मंदिर का सवाल है तो वहां पर 29 नवंबर को 7079 श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने 14.36 लाख रुपये नकदी, सोना 6 ग्राम, चांदी 157 ग्राम भेंट स्वरूप अर्पित की। जबकि गत रविवार को मात्र 4198 श्रद्धालु ही बाबा के दरबार में अपनी हाजिरी दर्ज करवाने के लिए पहुंचे। 15.3 लाख रुपये नकदी तथा चांदी 200 ग्राम बाबा जी के चरणों में अर्पित की। केवल मात्र बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में ही चढ़ावे में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं चिंतपूर्णी में 29 नवंबर को 11038 श्रद्धालुओं ने 8,90,697 रुपये नकदी चढ़ाई। वहीं गत रविवार 7091 श्रद्धालु ही दर्शनों के लिए पहुंचे। चिंतपूर्णी में गत रविवार के चढ़ावे की अभी तक गिनती नहीं हुई थी।
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