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माता नयनादेवी मंदिर परिसर में शाम ढलते ही पसर रहा सन्नाटा

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श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। कोरोना काल में सरकार ने शारदीय नवरात्रों में राजस्व बढ़ाने को शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी के द्वार तो खोल दिए, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा गया। इसके चलते सुबह 4 से शाम 6 बजे तक तो मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, लेकिन शाम ढलने के बाद मंदिर में इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि मंदिर में रात को रुकने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। दिन में भारी भीड़ होने के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का भी मंदिर प्रशासन पालन नहीं करवा पा रहा है।
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बताते चलें कि श्री नयनादेवी जी प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक है। यहां पर नवरात्रों में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सरकार ने अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए मंदिरों में चढ़ावे की अनुमति तो दे दी, लेकिन बाहरी राज्यों सेे आने वाले श्रद्धालुओं के रहने और खाने की व्यवस्था नहीं की। इससे श्रद्धालु तो परेशान हो रहे हैं, वहीं सात माह बाद कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारियों को भी झटका लगा है। मेलों के दौरान होने वाले कारोबार में भारी गिरावट आई है।
मंदिर अधिकारी हुस्न चंद ने बताया कि खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण रात को कुछ ही श्रद्धालु आ रहे हैं। सुबह चार बजे से मंदिर में दर्शनों के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। मंदिर प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए। लेकिन धार्मिक आस्था के चलते लोगों से जोर जबरदस्ती नहीं कर सकते। इसके कारण मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो रही है।
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