बिलासपुर में पहली बार विस्थापितों पर नगर परिषद गृहकर वसूलने जा रही है। नगर परिषद ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना को शुरू करने के लिए नगर परिषद ने टेंडर जारी कर दिए है। जल्द की इच्छुक कंपनी से निविदाएं आमंत्रित की जाएगी। इसके बाद शहर में निजी आवासों और सरकारी आवासों का सर्वे शुरू हो जाएगा। नप ने यह फैसला जहां अपनी वित्तीय हालत को सुधारने के लिए लिया है।
वहीं प्रदेश सरकार भी बिलासपुर में गृहकर वसूल करने के लिए गंभीर है। इस मामले को लेकर सरकार भी नप से जवाब मांग चुकी है। शहर में करीब 3500 मकान मालिक हैं। इसके साथ ही व्यवसायिक संस्थान भी शामिल हैं। 19वीं शताब्दी में जब भाखड़ा बांध का निर्माण किया गया था तब नया बिलासपुर शहर बसाया गया था। उस समय लोगों से वायदा किया गया था कि यहां पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं लोगों को दी जाएंगी।
60 के दशक में नए बिलासपुर के बनने के बाद बिलासपुर को नगर परिषद का दर्जा मिला। मगर भाखड़ा बांध बनने के बाद यहां के विस्थापितों को गृहकर के दायरे से बाहर रखा गया था। यहां पर आज भी होर्डिंग, बैनर लगाने का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता।
समय के साथ आबादी बढ़ने से लोगों की मूलभूत सुविधाओं में भी इजाफा होना शुरू हो गया। लेकिन, नगर परिषद के पास आय के साधन सीमित होने के कारण सुविधाओं को सही तरीके से अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। आज के समय में नगर परिषद के पास अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने तक के लिए पैसे नहीं है।
सरकार की तरफ से मिलने वाली ग्रांट पर भी काफी समय से रोक लगी है। कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों को कई माह तक वेतन और पेंशन का इंतजार करना पड़ रहा है। बिलासपुर नगर परिषद के दायरे में 11 वार्ड आते हैं। ऐसे में यहां पर स्ट्रीट लाइटें भी लगी हुई हैं। जिनके बिजली का बिल करने के लिए नगर परिषद के पास पैसा नहीं है। जो हर माह लाखों में बढ़ता जा रहा है।
नगर परिषद को इस हालत से उबारने के लिए शहरी विकास विभाग ने गृहकर लगाने का पत्र जारी किया है। वहीं इस मसले को लेकर पार्षदों की बैठक भी हुई थी। लेकिन, बाद में गृहकर लगाने का निर्णय नगर परिषद को लेना पड़ा। अगर नगर परिषद गृहकर लगाती है, तो इससे शहर के लोगों को भी फायदा भी पहुंचेगा। लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में भी इजाफा होगा।
बिलासपुर शहर भी और शहरों की तरह विकसित होगा। नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर ने बताया कि नगर परिषद बिलासपुर के क्षेत्र गृहकर लगाने के तैयारियां पूरी कर ली गई है।
नप क्षेत्र के तहत आने वाले 11 वार्डों में सरकारी व निजी आवासों के सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर परिषद को घाटे से उबारने और लोगों की बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह कदम उठाया गया है।