सुरेंद्र जम्वाल
घुमारवी (बिलासपुर)। घुमारवीं में सिर खड्ड किनारे मनाए जाने वाले जिला स्तरीय ग्रीष्मोत्सव मेले को लेकर स्थानीय प्रशासन मनमानी पर उतर आया है। मेले को लेकर प्रशासन लोगों से जबरन उगाही कर रहा है। जो लोग अपने काम करवाने को लेकर मेडिकल बनाने के लिए अस्पताल, तहसील कार्यालय या लाइसेंस बनवाने के लिए जा रहे हैं तो सरकारी कर्मचारी उन सभी को अपनी मर्जी से मेले के नाम पर पैसों की रसीद थमा दे रहे हैं। जब कर्मचारियों से पूछा जाता है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है तो कर्मचारियों का कहना होता है कि ऊपर से आदेश हैं। ऐसे में लोगों को समझ नहीं आ रहा कि ऊपर से किसके आदेश हैं जो मनमाने तरीके से लोगों से उगाही की जा रही है।
घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव मेले को पिछले साल ही जिला स्तरीय दर्जा प्राप्त हुआ है तथा प्रशासन खुद पिछले साल से ही मेले का आयोजन करवा रहा है। बेशक जब प्रशासन मेला करवाने लगा है तो खजाने में बढ़ोतरी के साथ बचत भी हो रही हैं, लेकिन इसके बीच आम जनता पीसी जा रही है।
कर्मचारियों द्वारा उनसे जबरदस्ती पर्ची थमा कर पैसे की उगाही की जाती है। जो पर्ची कर्मचारियों के द्वारा लोगों को दी जा रही हैं उसमें नाम और दिनांक नहीं लिखी जा रही है जिससे लोग यह भी नहीं समझ रहे हैं कि क्या यह पैसा प्रशासन के पास भी पहुंच रहा है या कर्मचारी अपनी जेब भर रहे हैं। प्रशासन द्वारा पिछले साल कुल जो पैसा एकत्रित किया गया था वह 21 लाख दो हजार दो रुपये थे, जिसमें मेले के ऊपर 18 लाख 200 रुपये खर्च हुए हैं तथा लगभग तीन लाख रुपये प्रशासन के पास पड़े हुए हैं।
एसडीएम घुमारवीं व मेला अध्यक्ष शशिपाल शर्मा का कहना है कि मेले के लिए प्रशासन लोगों का सहयोग चाहता हैं। जो लोग पैसा देते हैं वह अपनी इच्छा से दे सकते हैं, किसी से भी जबरदस्ती पैसा नहीं लिया जा सकता है।
इनसेट....
बिना बात किए सीधे हाथ में थमा देते हैं पर्ची
नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के लोगों प्यार सिंह, प्रदीप गुप्ता, विशाल चौहान, गुलशन, बिट्टू डोगरा, अश्विनी चौहान, संजीत ठाकुर, कुलदीप सिंह, जगतपाल, दीपक, सूरज, विजय कुमार, खेमपाल व गोपाल ने कहा कि प्रशासन व उसके कर्मचारी बिना बात किए सीधे हाथ में पर्ची थमा देते हैं और पूछने पर यही कहते हैं कि ऊपर से आदेश हैं कि मेला भी करवाना है। लोगों ने विभाग पर आरोप लगाया है कि क्या जिस व्यक्ति से पैसा लिया है क्या कभी उसे सम्मान दिया गया है, उल्टा जो काम करवाने के लिए लाइन में लगा रहता है उसके ऊपर धौंस ही जमाई जाती हैं कि काम करवाना है तो पैसे लगेंगे अन्यथा आपका काम नहीं होगा।
--------------------------