फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों रुपये मुआवजा देने के बाद भी नहीं गिरे भवन

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान बदले गए रोड अलाइनमेंट प्लान के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का मुआवजे के रूप में चुना लगा है। तहसील सदर के तहत आने वाले गांव पट्टा में ही आठ भवन जिनके मालिकों को करीब 1.75 करोड़ का मुआवजा दिया गया है वह सड़क के दायरे से ही बाहर हो गए हैं। यह सब रोड अलाइनमेंट प्लान के बदल जाने के कारण हुआ है। हालांकि अभी एक गांव की रिपोर्ट आई है। जबकि अन्य तहसीलों के तहत आने वाले गांवों में इस प्रकार के मामलों की जांच जारी है।
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों की मानें तो ऐसे दर्जनों भवन हैं जिन्हें मुआवजा देने के बाद भी कब्जे में नहीं लिया गया है। वहीं फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति का कहना है कि यह सब एनएचएआई की मिली भगत के कारण हुआ है। समिति ने इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकार से जांच की मांग की है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान अशोक कुमार, चिंता देवी, राकेश कुमार, जगदीश राम, बलदेव, सीता राम और माह सचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि गड़ागोड़ा से लेकर नेरचौक तक कितने ऐसे भवन हैं जिन्हें रोड अलाइनमेंट प्लान बदल कर लाभ पहुंचाया गया है। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू हुई है। सूचना के आधार पर दी गई जानकारी में जनसूचना अधिकारी एवं अधीक्षक विपिन चंदेल ने अपने कार्यालय की पत्र संख्या बीएलएस - एसयूपीडीटी - आरटीआई -167/2019-690 में सूचना दी है कि गांव पट्टा में आठ बड़े भवन हैं जो रोड अलाइनमेंट में थे। इसके आधार पर उन्हें करीब 1.75 करोड़ मुआवजा भी जारी हो चुका है लेकिन यह मकान अभी तक खड़े हैं जबकि अन्य तहसीलों में जांच चल रही है।
विज्ञापन

इधर, समिति ने इस संबंध में सीएम जयराम ठाकुर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि मिली भगत कर सरकार को करोड़ों रुपये चुना लगाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें