- जन्म पार्टी में दोषी महिला के बेटे को खिलाया था खाना, पांच अन्य आरोपी बरी
- 2011 उपमंडल श्री नयनादेवी के बैहल हुआ था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलासपुर की अदालत ने थप्पड़ मारने के लिए एक महिला को दोषी करार दिया है। महिला को आईपीसी की धारा 323 और धारा 147 के तहत छह-छह माह की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले में पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
मामले की शिकायत कोट कहलूर थाने में 14 सितंबर 2011 को उपमंडल श्री नयनादेवी के बैहल निवासी शमशेर सिंह ने दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार पोते के जन्मदिन पर घर में पाठ रखा था। आस-पड़ोस और आंगनबाड़ी के बच्चों को भोजन के लिए बुलाया था। आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ जय गोपाल का बेटा भी आ गया। भोजन करने के बाद सभी बच्चे घर चले गए। शाम करीब 5:00 बजे जय गोपाल की पत्नी कुलदीप कौर उनके घर आई। उसने पूछा कि उसके बेटे को खाना क्यों दिया। साथ ही आरोप लगाया कि वह उसके बेटे को जहर खिला सकते हैं। शिकायतकर्ता की बेटी सरोज देवी ने कहा कि वे भविष्य में उसके बेटे को खाना नहीं देंगे। इस पर कुलदीप कौर ने सरोज देवी को थप्पड़ मार दिया। इस पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इसके बाद कुलदीप कौर अपने घर वापस चली गई। शाम करीब 7:30 बजे कुलदीप कौर अपने दो भाइयों और 10-15 लड़कों के साथ फिर से घर आ गई। उनमें से कुछ के हाथ में लाठियां थीं। उन्होंने उनकी पिटाई की मौके से भाग गए। शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में कुल छह आरोपी बनाए गए। पुलिस ने मामला अदालत में दायर किया । अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष, पुलिस, चिकित्सक सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। अदालत ने आरोपी कुलदीप कौर को शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से पहचाने जाने और अन्य सबूतों के आधार पर दोषी पाया, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूत नहीं मिले। इस कारण उन्हें बरी कर दिया गया।