- बोले, प्रबंध निदेशक के साथ बैठक के बाद भी नहीं निकला कोई नतीजा
- नाराज पेंशनर धरना-प्रदर्शन करने को हो सकते हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने निगम के पेंशनर के लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले साल जुलाई में निगम के प्रबंध निदेशक के साथ हुई बैठक में लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी, लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
नाराज निगम के पेंशनर आने वाले समय में धरना-प्रदर्शन का फैसला लेने पर मजबूर हो सकते हैं। इसके लिए सरकार और निगम प्रबंधन जिम्मेदार होंगे। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को एचआरटीसी वर्कशॉप बिलासपुर के परिसर स्थित मंदिर प्रांगण में बैठक हुई। बृजलाल ठाकुर ने कहा कि सेवाकाल के दौरान अपना दायित्व निभाने वाले एचआरटीसी के कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने हक के लिए भटक रहे हैं। जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान का एरियर उन्हें आज तक नहीं मिल पाया है। चालक-परिचालकों काे 2 वेतन वृद्धियाें का एरियर भी नहीं मिला है। इसके अलावा निगम के पेंशनर को 65, 70 और 75 साल की आयु पूरी होने पर क्रमश: 5, 10 और 15 फीसदी पेंशन भत्ता देने की मांग भी पूरी नहीं हो पाई है। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से ट्रिब्यूनल कोर्ट दोबारा खोलने के फैसले पर भी गहरा रोष जताया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर के सभी मामले हाईकोर्ट में चल रहे हैं। ऐसे में ट्रिब्यूनल कोर्ट खोलने का कोई औचित्य नहीं है। बेहतर होगा कि सरकार ऐसे बेतुके फैसले लेने के बजाए पेंशनर की लंबित मांगें पूरी करके उन्हें उनका हक प्रदान करें। बैठक में संगठन के प्रदेश महासचिव रूपचंद शर्मा, उपाध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, सुंदर नगर इकाई के कोषाध्यक्ष ईश्वर सिंह, किशोरीलाल शर्मा, श्याम राणा, बाबूराम शर्मा, राकेश शर्मा, देशराज शर्मा, बाबूराम और मोहम्मद अमीन सहित निगम के कई अन्य पेंशनर मौजूद रहे।