कहा, पूछे गए आउट ऑफ सिलेबस और टीजीटी स्तर के प्रश्न
-सरकार व शिक्षा बोर्ड से न्याय की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचपीटीईटी) के गणित प्रश्न पत्र को लेकर विवाद गहरा गया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने 14 जून को आयोजित परीक्षा में प्राथमिक शिक्षकों (जेबीटी) से उच्च स्तर के गणितीय प्रश्न पूछे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ ने हिमाचल प्रदेश सरकार और स्कूल शिक्षा बोर्ड से गणित विषय में 10 ग्रेस अंक देने की मांग की है।
संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने जारी बयान में कहा कि गणित प्रश्नपत्र में अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर और अत्यधिक उच्च स्तर के थे। उनका आरोप है कि प्रश्न प्राथमिक स्तर के बजाय टीजीटी नॉन-मेडिकल स्तर के थे, जिन्हें सामान्यत 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाया जाता है। संघ के अनुसार प्रश्न पत्र में इंटीग्रेशन, डिफरेंशिएशन, क्वाड्रेटिक समीकरण, माध्य, माध्यिका और त्रिकोणमिति जैसे विषयों से प्रश्न पूछे गए। इन अध्यायों का प्राथमिक शिक्षण कार्य से सीधा संबंध नहीं है और न ही ये प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। संघ का कहना है कि इस कारण परीक्षा में शामिल सैकड़ों जेबीटी शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। शिक्षकों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है और कड़ी तैयारी के बावजूद वे परीक्षा उत्तीर्ण करने से वंचित रह सकते हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा बोर्ड से मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर गणित विषय में 10 ग्रेस अंक प्रदान करने की मांग की है, ताकि प्रभावित शिक्षकों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।