-जनमंच कार्यक्रम का विरोध करने वाली कांग्रेस अब कर रही उसी की नकल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय चलाए गए जनमंच कार्यक्रम का विरोध करने वाली कांग्रेस अब उसी की नकल करने का प्रयास कर रही है, उसकी नीयत साफ नहीं है। विस चुनाव के दौरान झूठी गारंटियों से सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम शुरू किया है, लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। इस बार कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ेगी।
महेंद्र धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में आए 13 माह बीत चुके हैं, लेकिन चुनाव के समय दी गई उसकी 10 गारंटियों में से अभी तक एक भी पूरी नहीं हो पाई है। न तो महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये मिल पाए हैं और न दूध और गोबर की खरीद शुरू हो पाई है। बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलना तो दूर, कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी वेतन, पेंशन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। अब लोकसभा चुनाव आते देख कांग्रेस सरकार ने सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के माध्यम से एक और शिगूफा छोड़ा है। भाजपा कार्यकाल में चलाए गए जनमंच कार्यक्रम के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी करने वाली कांग्रेस अपने इस नए कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की जनता को एक बार फिर से गुमराह करना चाहती है, लेकिन इस बार उसकी दाल गलने वाली नहीं है।
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां अयोध्या के साथ ही पूरे देश में जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे देश में दीवाली उत्सव जैसा माहौल है। करोड़ों लोगों के आराध्य देव और अटूट आस्था के प्रतीक भगवान राम को काल्पनिक चरित्र बताने वाली कांग्रेस रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से इंकार करते हुए इसका विरोध कर रही है। हैरानी की बात यह है कि भाजपा का विरोध करते-करते उसके नेता एक ओर भगवान राम का भी विरोध कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर श्रीराम की कसम खा रहे हैं। भगवान राम का विरोध करना उन्हें महंगा पड़ेगा।