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Bilaspur News: मार्कंड अस्पताल में एक साल से नेत्र विशेषज्ञ का पद खाली

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आंखों से संबंधित इलाज के लिए लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल मार्कंड और सीएचसी घवांडल में करीब एक साल से (नेत्र विशेषज्ञ) ऑप्थेल्मिक अधिकारी का पद करीब एक साल से खाली चल रहा है। यहां पर आंखों का इलाज करवाने वाले लोगों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे लोगों को समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसी भी प्रकार का मेडिकल करवाने के लिए आंखों का टेस्ट जरूरी होता है। सिविल अस्पताल मार्कंड में बाकी टेस्ट हो जाएं तो आंखों की जांच के लिए जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आंखों की अधिकतर समस्या बुजुर्गों को होती है। उन्हें इस अस्पताल से आंखों के इलाज के बगैर वापस जाना पड़ता है। इस क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी सिविल अस्पताल मार्कंड पर निर्भर है। इतने लंबे समय से ऑप्थेल्मिक अधिकारी का पद खाली होने के कारण लोगों में रोष है। इसी तरह श्री नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घवांडल में भी पिछले करीब एक साल के ऑप्थेल्मिक अधिकारी का पद खाली है। इस कारण इस क्षेत्र की हजारों की आबादी को आनंदपुर साहिब या निजी अस्पतालों में आंखों से संबंधित इलाज के लिए जाना पड़ता है। जानकारी के अनुसार इन स्वास्थ्य संस्थानों में सेवानिवृत्ति के बाद यह पद खाली हुए है। भाजपा नेता दौलत राम ठाकुर, जुखाला पंचायत के प्रधान जगदीश ठाकुर, बाबूराम शर्मा, कर्मचंद ठाकुर, देव राज शर्मा, मार्कंड पंचायत के उप प्रधान देवराज शर्मा रानीकोटला पंचायत प्रधान परसराम ठाकुर, रमेश चंद और हरदयाल सिंह आदि ने स्वास्थ्य विभाग से इन पदों को जल्द भरने की मांग की है।
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कोट
सिविल अस्पताल मार्कंड और घवांडल में ऑप्थेल्मिक अधिकारी के पद सेवानिवृति के बाद खाली हुए हैं। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।

- डॉ. सुरेंद्र बावा, खंड स्वास्थ्य अधिकारी, मार्कंड
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